छिंदवाड़ा में गो आधारित जैविक खेती मॉडल ने खींचा ध्यान, भोपाल से पहुंचे विशेषज्ञ ने की सराहना

भोपाल से आए तुलसी ऑर्गेनिक्स के संचालक पुरुषोत्तम तिवारी ने छिंदवाड़ा के जैविक कृषक राहुल कुमार वसूले के खेत का भ्रमण किया। गो आधारित जैविक खेती, बायो रिसर्च सेंटर और जैविक उत्पादों की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया।

Jun 12, 2026 - 14:58
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छिंदवाड़ा में गो आधारित जैविक खेती मॉडल ने खींचा ध्यान, भोपाल से पहुंचे विशेषज्ञ ने की सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले में गो आधारित जैविक खेती का एक सफल मॉडल किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनता जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल स्थित तुलसी ऑर्गेनिक्स के संचालक पुरुषोत्तम तिवारी ने छिंदवाड़ा के प्रगतिशील जैविक कृषक राहुल कुमार वसूले के खेत का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।

भ्रमण के दौरान पुरुषोत्तम तिवारी ने खेत में स्थापित बायो रिसर्च सेंटर, गो आधारित जैविक उत्पाद निर्माण इकाई और जैविक खेती की विभिन्न तकनीकों को करीब से देखा। उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद खेत में उगाई जा रही 8 से 10 प्रकार की सब्जियों का निरीक्षण किया और खेती की वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक पद्धति की सराहना की।

खेत की मेड़ों पर लगाए गए बांस के पौधे तथा बहुवर्षीय फसलों की व्यवस्था ने भी उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

पुरुषोत्तम तिवारी ने कहा कि गो आधारित जैविक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभावों के बीच इस प्रकार के मॉडल किसानों को कम लागत में टिकाऊ और लाभकारी खेती का विकल्प प्रदान करते हैं। उन्होंने राहुल कुमार वसूले द्वारा विकसित जैविक खेती मॉडल को अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

भ्रमण के दौरान जैविक उत्पादों के विपणन और विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से नवरत्न आटा और अन्य जैविक उत्पादों को भोपाल स्थित तुलसी ऑर्गेनिक्स के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इससे जैविक उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई।

राहुल कुमार वसूले ने बताया कि वे लीडर फार्मर के रूप में प्रत्येक शनिवार को जैविक बाजार में नवरत्न आटा सहित खेत में उत्पादित सभी जैविक सब्जियां उपलब्ध कराते हैं। उनका उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करना तथा लोगों तक शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ पहुंचाना है।

इस अवसर पर जैविक खेती के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय सुंदरलाल नागवंशी भी उपस्थित रहे। उन्होंने जैविक खेती के प्रचार-प्रसार और किसानों को इससे जोड़ने के प्रयासों पर चर्चा की।

विशेषज्ञों का मानना है कि गो आधारित जैविक खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। छिंदवाड़ा में विकसित यह मॉडल भविष्य में प्रदेश और देश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।