उमरेठ में सुना गया 'मन की बात' का 136वां एपिसोड, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों पर दिया गया जोर

परासिया विधानसभा के ग्राम उमरेठ (बीचकवाड़ा) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 136वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत, हाथकरघा, स्थानीय उत्पादों और जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री के संदेशों को साझा किया गया।

Jul 27, 2026 - 15:30
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उमरेठ में सुना गया 'मन की बात' का 136वां एपिसोड, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों पर दिया गया जोर

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l परासिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम उमरेठ (बीचकवाड़ा) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बूथ क्रमांक 228 पर बूथ अध्यक्ष विनोद पवार के निवास पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को सुना।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, हाथों से बनने वाले पारंपरिक सामान और हाथकरघा उद्योग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों के कार्यों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लाखों कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों को भी नई पहचान और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक ताराचंद बावारिया और पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण कपूर उपस्थित रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनहित और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और विकास के साझा उद्देश्य से जोड़ने वाला प्रभावी मंच बन चुका है।

इस अवसर पर मंडल महामंत्री संदीप सोनी, सरपंच रामदयाल पगारे, विधानसभा सोशल मीडिया सदस्य आशुतोष सिंह राजपूत, सोशल मीडिया मंडल संयोजक विकास साहू, उन्नत कृषक गुरु पवार, बूथ अध्यक्ष विनोद पवार, मोनू और जितेंद्र पवार सहित अनेक कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी मौजूद रहे।

उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्थानीय उद्योग, हस्तशिल्प और हाथकरघा को प्रोत्साहित करने का संदेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपनी कला और उत्पादों के लिए व्यापक बाजार मिलेगा तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री के विचारों की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों के उपयोग, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, जनसेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हुआ। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।