जारी आदेश के अनुसार आकाश सिंह, जो सहायक परियोजना अधिकारी के साथ जनपद पंचायत बोड़ला के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें आगामी आदेश तक जिला पंचायत कबीरधाम में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। उनके स्थान पर जिला पंचायत कबीरधाम में प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत योगेश वर्मा को जनपद पंचायत बोड़ला की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन की ओर से यह बदलाव जनपद पंचायत बोड़ला क्षेत्र में शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए किया गया है। अधिकारियों के बीच कार्य दायित्वों के पुनर्निर्धारण के तहत नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि योगेश वर्मा को अस्थाई रूप से जनपद पंचायत बोड़ला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का समस्त प्रभार दिया गया है।
जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायतों के समन्वय और विकास कार्यों की निगरानी में जनपद पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते समय क्षेत्र में चल रहे कार्यों की निरंतरता और प्रशासनिक संचालन को ध्यान में रखा जाता है।
प्रशासनिक बदलाव के बाद योगेश वर्मा के सामने जनपद पंचायत बोड़ला क्षेत्र में चल रहे कार्यों को गति देने और विभागीय गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी होगी। वहीं आकाश सिंह जिला पंचायत कबीरधाम में कार्य करेंगे। दोनों अधिकारियों के कार्य दायित्व में किए गए इस बदलाव को प्रशासनिक आवश्यकता के तहत लिया गया निर्णय बताया गया है।
जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसके तहत जनपद पंचायत बोड़ला में सीईओ पद का प्रभार योगेश वर्मा संभालेंगे, जबकि आकाश सिंह जिला पंचायत कबीरधाम में अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में योजनाओं और विकास कार्यों के संचालन में किसी तरह का व्यवधान न हो और विभागीय कार्य नियमित रूप से जारी रहें, इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
कबीरधाम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। जनपद पंचायत इन योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण समन्वयकारी भूमिका निभाती है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद नई व्यवस्था के तहत कामकाज आगे बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।