विद्युत मीटर रीडरों की मांगों के समर्थन में धरना, स्मार्ट मीटर नीति पर उठे सवाल
रायपुर के डंगनिया में विद्युत मीटर रीडिंग श्रमिक संघ के एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर के मीटर रीडरों ने रोजगार सुरक्षा और स्मार्ट मीटर नीति पर अपनी मांगें रखीं। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर श्रमिकों की मांगों का समर्थन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के डंगनिया क्षेत्र में विद्युत मीटर रीडिंग श्रमिक संघ द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों मीटर रीडरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और मीटर रीडरों की मांगों का समर्थन किया। कार्यक्रम में संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर योजना को लेकर विभिन्न चिंताएं और सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर पारदर्शी और तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के क्रियान्वयन से पहले इसके प्रभावों का व्यापक अध्ययन और जनहित में समीक्षा की जानी चाहिए।
श्रमिक संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि यदि स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित किया जाता है, तो उससे पहले वर्तमान मीटर रीडरों के लिए वैकल्पिक रोजगार और समायोजन की स्पष्ट नीति बनाई जाए। संघ का कहना है कि रोजगार संरक्षण की ठोस व्यवस्था किए बिना नई प्रणाली लागू होने से हजारों मीटर रीडरों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है।
संघ ने यह भी मांग की कि जब तक रोजगार सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू नहीं की जाए। इसके अलावा लगभग 5,000 मीटर रीडरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार शीघ्र बैठक कर स्थायी समाधान निकाले, ताकि श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की आजीविका और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय रोजगार सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, संघ के अध्यक्ष संतोष यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रमिक संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने श्रमिकों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से संवाद स्थापित कर सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में श्रमिक संघ ने कहा कि रोजगार सुरक्षा, श्रमिक अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी जारी रहेगा। संघ ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।