देश की एंट्रेंस परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी, 6 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन

NEET परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे।

Jul 27, 2026 - 16:00
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देश की एंट्रेंस परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी, 6 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय परीक्षा सुधार टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीक आधारित और लीक-प्रूफ बनाना है।

टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे। डिजिटल तकनीक और बड़े स्तर की सुरक्षित प्रणालियों के विकास का उनका अनुभव परीक्षा प्रणाली में आधुनिक सुधार लागू करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधार डिजिटल पहचान प्रणाली के विकास में उनकी भूमिका को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना है।

समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि परीक्षा प्रणाली के हर पहलू पर व्यापक सुझाव दिए जा सकें। IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी समिति में शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे। कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता डिजिटल परीक्षा सुरक्षा को मजबूत बनाने में उपयोगी होगी।

समिति की सदस्य अनीता करवाल प्रशासन और शिक्षा नीति के क्षेत्र का व्यापक अनुभव लेकर आई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके अनुभव से परीक्षा संचालन और प्रशासनिक सुधारों पर ठोस सुझाव मिलने की उम्मीद है।

आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र के विशेषज्ञ तपन डेका को भी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा, संवेदनशील अभियानों और सुरक्षा प्रबंधन में उनके लंबे अनुभव का उपयोग परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और संगठित बनाने के लिए किया जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ भी इस समिति का हिस्सा हैं। जटिल वैज्ञानिक परियोजनाओं और बड़े तकनीकी संस्थानों के सफल संचालन का उनका अनुभव परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

समिति के एक अन्य सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमृत लाल मीणा हैं, जिन्हें प्रशासनिक प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स का लंबा अनुभव प्राप्त है। देशभर में बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षाओं के संचालन और संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार का कहना है कि यह टास्क फोर्स राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत सुझाव देगी। समिति परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, डेटा प्रबंधन, प्रश्नपत्र सुरक्षा, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर भी कार्य करेगी।

NEET परीक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बहस तेज हुई थी। ऐसे समय में विशेषज्ञों की इस उच्चस्तरीय समिति का गठन सरकार की उस पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों का विश्वास बहाल करना और भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम करना है।

सरकार को उम्मीद है कि इस टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, आधुनिक, सुरक्षित और छात्रों के लिए भरोसेमंद बन सकेगी।