बालाघाट के सिद्धार्थ गेडाम ने दूसरी बार PM मोदी से किया संवाद, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में राष्ट्रीय स्तर पर चयन...
बालाघाट जिले के मंझारा गांव के युवा सिद्धार्थ गेडाम का विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चयन हुआ। इस उपलब्धि के साथ उन्हें दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास, युवा नेतृत्व और विकसित भारत 2047 के विजन पर अपने विचार साझा किए।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज, बालाघाट l मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के मंझारा गांव के युवा सिद्धार्थ गेडाम ने एक बार फिर जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। सिद्धार्थ का चयन विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए हुआ, जिसके तहत उन्हें दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम बालाघाट कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया, जहां देशभर के चयनित युवाओं ने प्रधानमंत्री के साथ ग्रामीण विकास और विकसित भारत के विजन पर चर्चा की।
सिद्धार्थ गेडाम का चयन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह प्रतिस्पर्धात्मक थी। सबसे पहले उन्होंने माय भारत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। इसके बाद आयोजित क्विज प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक अपनी जगह बनाई।
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह रही कि जबलपुर संभाग के आदिवासी अंचल से राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले सिद्धार्थ एकमात्र युवा प्रतिभागी रहे। बालाघाट, सिवनी, मंडला, नैनपुर और छिंदवाड़ा सहित पांच जिलों के प्रतिभागियों में केवल सिद्धार्थ को प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर मिला। इससे पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
कार्यक्रम के दौरान बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों से वॉलिंटियर्स और युवा प्रतिभागी कलेक्ट्रेट पहुंचे। सुबह से ही कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई थीं। शाम करीब साढ़े चार बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें देशभर के लगभग 150 गांवों के युवाओं ने भाग लिया।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा नेतृत्व, सामुदायिक सहभागिता, सीमावर्ती एवं वाइब्रेंट गांवों का विकास, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत 2047 के विजन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों को अब "आखिरी गांव" नहीं, बल्कि "पहला गांव" मानकर विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं से गांवों के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सिद्धार्थ गेडाम ने प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान ग्रामीण विकास, युवाओं की भूमिका और स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से दूसरी बार संवाद करना उनके जीवन का बेहद यादगार और प्रेरणादायक अनुभव रहा। यह अवसर उन्हें समाज और अपने क्षेत्र के विकास के लिए और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
सिद्धार्थ ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे लगातार मेहनत, तैयारी और सकारात्मक सोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रधानमंत्री से संवाद के लिए उन्होंने लंबे समय तक अभ्यास किया और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर अध्ययन भी किया। उनकी इस सफलता से जिले के अन्य युवाओं को भी राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा को मंच देने की प्रेरणा मिलेगी।
बालाघाट जिले के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय मानी जा रही है। स्थानीय प्रशासन, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने सिद्धार्थ गेडाम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को ऐसे राष्ट्रीय मंच मिलने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे देश के विकास में भी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित होते हैं।