गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां तेज, फरसगांव में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार

फरसगांव क्षेत्र में 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। गणेश समितियां पंडाल और साज-सज्जा में जुटी हैं, जबकि मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर प्रतिमाएं मिलने से समितियों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल रही है।

Sep 12, 2026 - 17:08
 0  2
गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां तेज, फरसगांव में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर फरसगांव क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर से शुरू होगा। पर्व को लेकर क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर गणेश समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। पंडालों की साज-सज्जा के साथ अन्य व्यवस्थाओं का काम भी तेजी से चल रहा है। वहीं भगवान गणेश की प्रतिमाओं की मांग बढ़ने के साथ मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

फरसगांव में पिछले करीब सात वर्षों से चारामा निवासी मूर्तिकार डीकेश चक्रधारी गणेश प्रतिमाएं तैयार करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन दिनों वे अलग-अलग आकार और डिजाइन की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। मूर्तिकार के अनुसार वे हर वर्ष गणेश चतुर्थी से करीब 20 से 25 दिन पहले फरसगांव पहुंचकर प्रतिमा निर्माण का काम शुरू कर देते हैं। छोटे आकार से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक श्रद्धालुओं और गणेश समितियों की मांग के अनुसार अलग-अलग स्वरूप तैयार किए जाते हैं।

डीकेश चक्रधारी ने बताया कि भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार करने में समय और मेहनत दोनों लगते हैं। श्रद्धालुओं की पसंद और समितियों की आवश्यकता के अनुसार प्रतिमाओं के आकार, स्वरूप और डिजाइन में बदलाव किया जाता है। गणेश चतुर्थी नजदीक आने के कारण इन दिनों बड़ी संख्या में प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी से गणेश चतुर्थी तक अलग-अलग धार्मिक अवसरों के लिए प्रतिमाएं तैयार करने का काम चलता रहता है।

स्थानीय गणेश समितियों के सदस्यों के अनुसार पहले गणेश प्रतिमाओं के लिए उन्हें जगदलपुर, कांकेर और कोंडागांव तक जाना पड़ता था। दूर के शहरों से प्रतिमा खरीदने में समय और अतिरिक्त परिवहन खर्च लगता था। इसके अलावा प्रतिमा को वाहन से लाते समय उसके क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी रहती थी। फरसगांव में स्थानीय स्तर पर मूर्तिकार के उपलब्ध होने से समितियों को इन परेशानियों से काफी राहत मिली है।

अब गणेश समितियां अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार फरसगांव में ही प्रतिमाएं तैयार करवा रही हैं। जिन समितियों को बड़ी या विशेष डिजाइन वाली प्रतिमा चाहिए, वे पहले से मूर्तिकार से संपर्क कर ऑर्डर दे देती हैं। इसके बाद मांग के अनुरूप प्रतिमा तैयार की जाती है। इससे स्थानीय स्तर पर ही धार्मिक आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने में सुविधा मिल रही है।

मूर्तिकार डीकेश चक्रधारी द्वारा तैयार की जा रही आकर्षक प्रतिमाओं को देखने और खरीदने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग फरसगांव पहुंच रहे हैं। गणेश चतुर्थी के नजदीक आने के साथ प्रतिमाओं की तैयारियों में तेजी आई है। अलग-अलग स्थानों पर गणेश समितियां पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं, जिससे क्षेत्र में पर्व का माहौल बनने लगा है।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर स्थापित होने वाली प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में प्रतिमाओं को विधि-विधान से पंडालों में स्थापित किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर प्रतिमा निर्माण की सुविधा से न केवल गणेश समितियों को सहूलियत मिल रही है, बल्कि मूर्तिकारों की कला और स्थानीय हुनर को भी मंच मिल रहा है। पर्व को लेकर फरसगांव और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं।