निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं, आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कमी को दूर करने और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही।
इसी बीच फरसगांव क्षेत्र में एम्बुलेंस की कमी का मुद्दा भी सामने आया। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीर सिंह बदेशा ने फरसगांव अस्पताल के लिए जल्द से जल्द एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और मरीजों की जरूरतों का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पतालों तक ले जाने में एम्बुलेंस की सुविधा महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, फरसगांव क्षेत्र में एम्बुलेंस की उपलब्धता स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकती है।
प्रवीर बदेशा ने दावा किया कि करीब एक वर्ष पहले फरसगांव के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन लंबे समय के बाद भी सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के लिए आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग से इस दिशा में जल्द पहल करने की मांग की।
बदेसा ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष भी फरसगांव अस्पताल के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का मुद्दा रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए अस्पताल के लिए एम्बुलेंस की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए परिवहन सुविधा भी महत्वपूर्ण है, खासकर ऐसे मामलों में जहां मरीज को उच्च स्तरीय उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाता है।
एम्बुलेंस की मांग को लेकर प्रवीर बदेशा ने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि यदि फरसगांव अस्पताल के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है तो अस्पताल में ताला लगा देना चाहिए। उनका यह बयान क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि एम्बुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फरसगांव अस्पताल के निरीक्षण और एम्बुलेंस की मांग के बीच क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सुविधा जल्द उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। अब देखना होगा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित विभाग आगे क्या कदम उठाता है।