राज्यसभा में किसानों के मुद्दों की गूंज, लक्ष्मी वर्मा के सवालों पर केंद्र ने बताई कृषि अवसंरचना और एआई आधारित निगरानी की योजनाएं
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने छत्तीसगढ़ के किसानों से जुड़े आधुनिक गोदाम, प्रसंस्करण इकाइयों, मूल्य सुरक्षा और एआई आधारित कृषि निगरानी को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए। कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने जवाब में कृषि अवसंरचना, भंडारण, फसल सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के उपयोग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने संसद के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए आधुनिक कृषि अवसंरचना, भंडारण सुविधाओं, मूल्य सुरक्षा तंत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कृषि निगरानी प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने सांसद के सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों की जानकारी दी।
लक्ष्मी वर्मा ने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ जैसे प्रमुख धान उत्पादक राज्यों के किसानों के लिए आधुनिक गोदाम, प्रसंस्करण इकाइयों और मूल्य स्थिरीकरण तंत्र विकसित करने की कोई विशेष योजना बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार बाजार में कीमतें गिरने की स्थिति में किसानों को मूल्य अंतर का लाभ देने के लिए राष्ट्रीय फसल मूल्य सुरक्षा कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है।
जवाब में कृषि राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार पूरे देश में कृषि अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के माध्यम से गोदाम, साइलो, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र और अन्य कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए दीर्घकालिक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा एग्रीकल्चर मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन तथा सहकारी क्षेत्र की विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के जरिए किसानों को बेहतर भंडारण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत मूल्य समर्थन योजना, मूल्य ह्रास भुगतान योजना और बाजार हस्तक्षेप योजना संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उपलब्ध कराना और बाजार मूल्य गिरने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
सांसद ने कृषि जोखिमों की समय रहते पहचान और फसल नुकसान को कम करने के लिए उपग्रह निगरानी तथा एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली के उपयोग पर भी सवाल उठाया। इस पर कृषि राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कृषि निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के माध्यम से उपग्रह, मौसम, मृदा, फसल और जल संसाधनों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर सूखा, बाढ़ और प्रतिकूल मौसम की स्थितियों की निगरानी कर रहा है। यह प्रणाली छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों में किसानों को समय पर चेतावनी और फसल प्रबंधन संबंधी सलाह देने में मदद कर रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) एआई और मशीन लर्निंग आधारित प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को कीटों की पहचान, निगरानी और प्रबंधन संबंधी विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराता है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना और येस-टेक जैसी तकनीकी पहल के माध्यम से फसल नुकसान का वैज्ञानिक आकलन और किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
कृषि राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग की एआई आधारित मौसम सलाह किसानों को समय और स्थान के अनुसार कृषि कार्यों की बेहतर योजना बनाने में मदद कर रही है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और मजबूत कृषि अवसंरचना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना, जोखिम कम करना और कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाना है।