धमतरी में 28 से 30 जून तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, 1.10 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा
धमतरी जिले में 28 से 30 जून तक राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के 1 लाख 10 हजार 443 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 756 पोलियो बूथ और 29 विशेष मोबाइल एवं ट्रांजिट टीमों की तैनाती की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान 28, 29 और 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यू.एल. कौशिक और जिला टीकाकरण अधिकारी जे.पी. दीवान ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 लाख 10 हजार 443 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे जिले में 756 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। ये बूथ आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित होंगे, जहां प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे।
अभियान के सफल संचालन के लिए 1,915 स्वास्थ्य एवं मैदानी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे प्लेटफॉर्म, ईंट भट्टों, कोयला भट्टों, निर्माण स्थलों, घुमंतू परिवारों और अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 29 विशेष ट्रांजिट एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कुल 68 सदस्य शामिल किए गए हैं, जो ऐसे क्षेत्रों में जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के पहले दिन 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगी, जो किसी कारणवश पहले दिन दवा नहीं पी सके। इन बच्चों को घर पहुंचकर पोलियो की खुराक दी जाएगी तथा घरों का चिन्हांकन भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था। इसके बावजूद पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस की मौजूदगी को देखते हुए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय आवागमन और आवाजाही के कारण संक्रमण का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए समय-समय पर पल्स पोलियो अभियान चलाना आवश्यक है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित तिथि पर निकटतम पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर जाएं और पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलवाएं। विभाग ने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार" केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ भविष्य देने का राष्ट्रीय संकल्प है। सभी नागरिकों के सहयोग से ही पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को भविष्य में भी सुरक्षित रखा जा सकता है।