शासकीय आईटीआई कवर्धा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया प्रवेश उत्सव
कवर्धा के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर ‘नव कौशल पथ, नई राह, नया हुनर’ थीम के साथ प्रवेश उत्सव मनाया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें अनुशासन, नियमित उपस्थिति और तकनीकी प्रशिक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) कवर्धा में नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर 4 एवं 5 अगस्त को ‘नव कौशल पथ, नई राह, नया हुनर’ थीम के साथ प्रवेश उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों का गुलाल लगाकर और पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को आईटीआई में तकनीकी प्रशिक्षण के महत्व, अनुशासन और नियमित उपस्थिति के संबंध में जानकारी दी गई। संस्था के हरिशंकर चंद्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण एवं अध्ययन के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव तैयार करता है।
कार्यक्रम में संस्था के पूर्व प्रशिक्षणार्थी यक्ष कुमार ठाकुर ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा और प्रायोगिक परीक्षा की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण के बाद उपलब्ध अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट, रोजगार एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने संस्था में संचालित विभिन्न योजनाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ अपने कौशल को निरंतर बेहतर बनाने और प्रशिक्षण अवधि का सदुपयोग करने का संदेश दिया गया।
प्रवेश उत्सव में संस्था के सभी प्रशिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके सफल प्रशिक्षण, उत्कृष्ट प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर उत्साह के साथ-साथ तकनीकी कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बनने की भावना को भी प्रोत्साहित किया गया।