सहारा इंडिया निवेशकों की राशि वापसी की मांग को लेकर 2 अगस्त को रायगढ़ में भूख हड़ताल
सहारा इंडिया में फंसी निवेशकों की राशि लौटाने की मांग को लेकर 2 अगस्त को रायगढ़ के गांधी प्रतिमा स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। आंदोलनकारी ने अधिक से अधिक निवेशकों से समर्थन देने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेन्द्र अग्रवाल, रायगढ़ l सहारा इंडिया में निवेशकों की फंसी राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर 2 अगस्त 2026 को रायगढ़ के गांधी प्रतिमा स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। आंदोलन का उद्देश्य सहारा इंडिया में वर्षों से फंसे निवेशकों की जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग को प्रमुखता से उठाना है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि सहारा इंडिया में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई निवेश की थी। लोगों ने यह सोचकर धन जमा किया था कि जरूरत के समय वह राशि उनके काम आएगी, लेकिन समय बीतने के बाद भी अनेक निवेशकों को उनकी परिपक्व राशि नहीं मिल सकी। इससे कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई निवेशक अपनी बेटियों के विवाह, बच्चों की पढ़ाई, मकान निर्माण और परिवार के इलाज जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए अपनी जमा राशि निकालना चाहते थे, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि केवल रायगढ़ जिले में ही बड़ी संख्या में निवेशकों का करोड़ों रुपये का निवेश फंसा हुआ है।
आंदोलनकारी ने कहा कि उनका उद्देश्य निवेशकों की राशि वापस दिलाने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहारा इंडिया से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो दोषियों की संपत्ति कुर्क कर निवेशकों को उनकी राशि लौटाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पहले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी चर्चा की जा चुकी है तथा आगे भी निवेशकों के हित में लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उनका कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए है, जिनकी मेहनत की कमाई वर्षों से फंसी हुई है।
आंदोलन के तहत 2 अगस्त को गांधी प्रतिमा परिसर में एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। इस दौरान निवेशकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा और शासन-प्रशासन से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
आंदोलनकारी ने सभी प्रभावित निवेशकों और नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से जनसमर्थन मिलने पर निवेशकों की आवाज अधिक मजबूती से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से निवेशकों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकती है।