इस वर्ष कॉन्क्लेव की थीम ‘कैंसर उपचार में संतुलन की पुनर्स्थापना’ रखी गई है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्तन कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर और मूत्र-जनन तंत्र के कैंसर से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। मरीज की जरूरतों के अनुसार उपचार के उचित विकल्प चुनने और अनावश्यक उपचार से बचने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही उपचार संबंधी निर्णयों में मरीज की भागीदारी बढ़ाने और दुनिया भर में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों को भारत में रोजमर्रा के कैंसर उपचार में प्रभावी ढंग से अपनाने पर भी चर्चा की जाएगी।
वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की मेडिकल डायरेक्टर भावना सिरोही ने कहा कि कैंसर उपचार में संतुलन का मतलब मरीजों को उनके घर के करीब बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना भी है। उनके अनुसार जब देश और विदेश के विशेषज्ञ क्षेत्रीय कैंसर विशेषज्ञों के साथ एक मंच पर आते हैं तो ज्ञान और अनुभव साझा करने के साथ स्थानीय स्तर पर चिकित्सा क्षमताओं को मजबूत करने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगली पीढ़ी के कैंसर विशेषज्ञों को तैयार करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष देशभर के 50 युवा डॉक्टरों को यात्रा सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे विशेषज्ञों से सीख सकें।
कॉन्क्लेव में यूके, अमेरिका, यूएई, नेपाल, श्रीलंका, इजराइल, बेल्जियम, कनाडा और स्विट्जरलैंड से 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनके अलावा देशभर से 200 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कैंसर विशेषज्ञ शामिल होंगे। विशेषज्ञ कैंसर उपचार, चिकित्सा अनुसंधान, सटीक कैंसर उपचार, रेडिएशन, सर्जरी और नई चिकित्सा तकनीकों से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।
तीन दिनों के दौरान 20 से अधिक परिचर्चाएं, बहु-विषयक सत्र, वाद-विवाद और वास्तविक मरीजों के मामलों पर आधारित चर्चाएं होंगी। कार्यक्रम में स्तन कैंसर की लाइव सर्जरी का प्रदर्शन भी शामिल है। इसके साथ इंटरस्टिशियल ब्रैकीथेरेपी, चिकित्सा अनुसंधान और क्लिनिकल ट्रायल की रूपरेखा, आनुवंशिक जांच, सटीक कैंसर उपचार, कैंसर पैथोलॉजी, स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा नई पीढ़ी की न्यूक्लियर मेडिसिन और थेरानोस्टिक्स पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कॉन्क्लेव में वीमेन फॉर ऑन्कोलॉजी की नेटवर्किंग और मार्गदर्शन बैठक भी होगी। इसका उद्देश्य कैंसर उपचार के क्षेत्र में काम कर रही महिला विशेषज्ञों को आपसी संवाद, सहयोग, अनुभव साझा करने और नेतृत्व व मार्गदर्शन के अवसर उपलब्ध कराना है। शैक्षणिक कार्यक्रम के साथ ‘कैनवास फॉर ए लाइफ’ नाम से कला और विरासत प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। यह प्रदर्शनी बीएमसी चैरिटेबल फंड के समर्थन में होगी, जो जरूरतमंद मरीजों को उपचार, जांच, पोषण, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराता है।
पिछले वर्ष के कॉन्क्लेव में देशभर से 1,000 से अधिक चिकित्सकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया था। इस वर्ष का आयोजन इससे व्यापक होने की उम्मीद है। कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है और प्रतिभागी बालको मेडिकल सेंटर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। आयोजन में शामिल प्रतिनिधि और फैकल्टी सदस्य छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल, रायपुर से सीएमई क्रेडिट पॉइंट्स प्राप्त करने के पात्र होंगे।