नौकरी के वादे पर जमीन अधिग्रहण का आरोप, भूविस्थापित कर्मचारियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
सक्ती जिले के डभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट से जुड़े सैकड़ों भूविस्थापित कर्मचारियों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन अधिग्रहण के समय नियमित नौकरी का वादा किया था, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया और वेतन वृद्धि भी नहीं की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. जे के कुर्रे, सक्ती l जिले के डभरा क्षेत्र स्थित आरकेएम पावर जेनरेशन कंपनी से जुड़े सैकड़ों भूविस्थापित कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी द्वारा जमीन अधिग्रहण के समय स्थानीय किसानों और परिवारों को नियमित रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया।
ज्ञापन में भूविस्थापित कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी स्थापना के दौरान उनकी कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें कंपनी में स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके। कर्मचारियों का कहना है कि जमीन जाने के बाद उनका पारंपरिक रोजगार समाप्त हो गया और वे पूरी तरह कंपनी में मिलने वाले रोजगार पर निर्भर हो गए।
भूविस्थापित कर्मचारियों का आरोप है कि 15 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से कंपनी में कार्यरत हैं, लेकिन अब भी अस्थायी या संविदा व्यवस्था के तहत कार्य करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही वेतन में भी अपेक्षित वृद्धि नहीं होने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि उनका मासिक वेतन बढ़ाकर कम से कम 20 हजार रुपये किया जाए, ताकि वर्तमान महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से किया जा सके। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन से परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है और कई श्रमिक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
भूविस्थापित कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए कंपनी प्रबंधन और प्रभावित कर्मचारियों के बीच चर्चा कर समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के समय किए गए वादों को पूरा करना कंपनी और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे कंपनी के प्रशासनिक भवन के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा तथा वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
भूविस्थापित कर्मचारियों की इस मांग ने एक बार फिर उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान किए जाने वाले रोजगार संबंधी वादों और उनके क्रियान्वयन के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि प्रभावित कर्मचारियों की मांगों का समाधान किस प्रकार किया जाता है।