नगर निगम की लापरवाही से बड़ा हादसा: कचरा डंपिंग से कमजोर दीवार गिरी, मासूम बच्ची गंभीर घायल
बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 16 स्थित कुड़ूदंड माता चौरा के पास नगर निगम के पंप हाउस के पीछे कचरा डंपिंग और लगातार बारिश के कारण कमजोर हुई दीवार अचानक ढह गई। हादसे में वहां से गुजर रही एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया और नगर निगम की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l बिलासपुर शहर में नगर निगम की कथित लापरवाही एक बार फिर गंभीर हादसे की वजह बन गई। वार्ड क्रमांक 16 स्थित कुड़ूदंड माता चौरा के पास नगर निगम के पंप हाउस के पीछे शुक्रवार को एक पुरानी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में वहां से गुजर रही एक मासूम बच्ची मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नगर निगम के पंप हाउस के पीछे लंबे समय से कचरा डंप किया जा रहा था। लगातार कचरा जमा होने से दीवार की नींव पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। वहीं पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण मिट्टी पूरी तरह गीली और कमजोर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं कारणों से दीवार की नींव धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई और आखिरकार शुक्रवार को पूरी दीवार अचानक आम रास्ते पर गिर पड़ी।
हादसे के समय एक बच्ची उसी रास्ते से गुजर रही थी। अचानक दीवार गिरने से वह मलबे के नीचे दब गई। स्थानीय नागरिकों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर बच्ची को बाहर निकाला। घटना में बच्ची के कंधे के नीचे का हिस्सा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद परिजनों और क्षेत्रवासियों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि पंप हाउस के पीछे लंबे समय से कचरा डंप किया जा रहा था, जिससे न केवल आसपास गंदगी फैल रही थी बल्कि दीवार की संरचना भी प्रभावित हो रही थी। कई बार स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और कचरा हटाने के साथ-साथ दीवार की मरम्मत कराने की मांग की थी, लेकिन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान दीवार की हालत और अधिक खराब हो गई थी। कई लोगों ने आशंका जताई थी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से न तो दीवार की तकनीकी जांच कराई गई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। परिणामस्वरूप शुक्रवार को यह आशंका वास्तविक हादसे में बदल गई।
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कचरा हटाया जाता और दीवार की मरम्मत कराई जाती तो एक मासूम बच्ची को गंभीर चोट नहीं लगती। नागरिकों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की लापरवाही किसी भी समय बड़े जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि लंबे समय से शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी की है।
क्षेत्रवासियों ने यह भी कहा कि नगर निगम को शहर के सभी पुराने और जर्जर निर्माणों का सर्वे कराना चाहिए, विशेष रूप से उन स्थानों का जहां लगातार कचरा डंप किया जाता है या बारिश के कारण संरचनाओं पर खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि समय रहते निरीक्षण और मरम्मत कराए जाने से इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समाधान की गति अपेक्षित नहीं है। ऐसे में प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
फिलहाल घायल बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है और स्थानीय लोग उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा, प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा और भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।