ग्वालियर की जर्जर सड़कों की जांच तेज, चेतकपुरी रोड से लिए गए सैंपल से खुलेगा निर्माण की गुणवत्ता का राज

ग्वालियर में लगातार धंस रही और जर्जर हो रही सड़कों की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में तेज हो गई है। जांच कमीशन ने चेतकपुरी रोड की खुदाई कर सड़क की अलग-अलग परतों से निर्माण सामग्री के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों की जांच PWD और ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा की लैब में होगी। जांच रिपोर्ट 8 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश की जाएगी, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Sep 7, 2026 - 13:39
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ग्वालियर की जर्जर सड़कों की जांच तेज, चेतकपुरी रोड से लिए गए सैंपल से खुलेगा निर्माण की गुणवत्ता का राज

UNITED NEWS OF ASIA. ग्वालियर शहर की जर्जर और बार-बार धंस रही सड़कों को लेकर चल रही जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। हाईकोर्ट की निगरानी में गठित जांच कमीशन शहर की अलग-अलग सड़कों की निर्माण गुणवत्ता की पड़ताल कर रहा है। इसी क्रम में चेतकपुरी रोड की खुदाई कर सड़क की विभिन्न परतों से निर्माण सामग्री के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों की जांच के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

जानकारी के अनुसार, ग्वालियर में लगातार सड़कें खराब होने और कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाओं के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कमीशन का गठन किया गया। कमीशन शहर की अलग-अलग सड़कों पर पहुंचकर मौके की स्थिति का निरीक्षण कर रहा है और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल जुटा रहा है।

चेतकपुरी रोड पर जांच के दौरान मशीनों और जेसीबी की मदद से सड़क की खुदाई की गई। इसके बाद सड़क की सतह से लेकर नीचे की विभिन्न परतों को देखा गया। डामर, गिट्टी, बेस मटेरियल और अन्य निर्माण सामग्री के सैंपल लिए गए। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सड़क निर्माण में सामग्री की निर्धारित मात्रा और गुणवत्ता का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

सैंपलिंग की प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए जांच कमीशन की निगरानी में नमूने लिए गए और उन्हें सील किया गया। जांच के दौरान कमीशन के सदस्यों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया गया है कि सैंपलों की जांच PWD और ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा की प्रयोगशालाओं में कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सैंपल की जांच देश की किसी प्रतिष्ठित लैब से भी कराई जा सकती है।

चेतकपुरी रोड पर पहले भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में सड़क की परतों की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सड़क के निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों और प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही निर्माण के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

जांच कमीशन इससे पहले ग्वालियर की अन्य सड़कों से भी निर्माण सामग्री के सैंपल ले चुका है। अब जांच का दायरा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI से जुड़ी सड़कों तक भी पहुंच गया है। अलग-अलग सड़कों से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट सामने आने के बाद सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल सभी की नजर 8 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश होने वाली जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तकनीकी निष्कर्षों से यह स्पष्ट हो सकता है कि ग्वालियर की सड़कें बार-बार खराब होने के पीछे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का पालन, रखरखाव या अन्य कोई कारण जिम्मेदार है। इसके साथ ही यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय किए जाने की दिशा भी स्पष्ट हो सकती है।