दोरनापाल में बिजली संकट को लेकर कांग्रेस का हल्ला-बोल, मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर रखीं चार सूत्रीय मांगें

सुकमा जिले के दोरनापाल नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से जारी बिजली संकट को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष माड़वी देवा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, बार-बार होने वाली बिजली कटौती रोकने और अंदरूनी गांवों में बंद बिजली लाइनों को तत्काल बहाल करने की मांग की।

Sep 7, 2026 - 14:41
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दोरनापाल में बिजली संकट को लेकर कांग्रेस का हल्ला-बोल, मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर रखीं चार सूत्रीय मांगें

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा जिले के दोरनापाल नगर पंचायत सहित आसपास के ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों में लंबे समय से बिगड़ी बिजली व्यवस्था को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिजली की लगातार कटौती, लो-वोल्टेज, फॉल्ट सुधार में देरी और स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर जमकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष माड़वी देवा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दोरनापाल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित है। नगर क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती होने के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण और अंदरूनी क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में लंबे समय से बिजली लाइन बंद होने की शिकायत सामने आ रही है।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाए जाने, बिजली विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, नगर में बार-बार होने वाली बिजली कटौती को स्थायी रूप से रोकने और अंदरूनी गांवों में महीनों से बंद पड़ी बिजली लाइनों को तत्काल बहाल करने की मांग शामिल है।

धरना स्थल पर माड़वी देवा ने कहा कि बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जानकारी के बिना लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बिजली विभाग में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लो-वोल्टेज और बिजली फॉल्ट जैसी समस्याओं के निराकरण में काफी समय लग रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशान नहीं होना चाहिए। अंदरूनी गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों के दैनिक कामकाज के साथ-साथ विद्यार्थियों और छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ रहा है।

माड़वी देवा ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को लेकर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग रखी गई।