महतारी वंदन योजना में बड़ी कार्रवाई, बस्तर में 5925 महिलाओं के नाम हटे, 5600 हितग्राहियों का e-KYC बाकी
बस्तर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत अपात्र हितग्राहियों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने कार्रवाई की है। विभागीय जांच के बाद 5925 महिलाओं के नाम योजना की सूची से हटाए गए हैं। इनमें करीब 2000 मृत हितग्राही शामिल हैं, जबकि अन्य मामलों में दस्तावेजों में गड़बड़ी या सरकारी सेवा में रहते हुए योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई है। वहीं 5600 हितग्राहियों का अब तक e-KYC नहीं हुआ है। विभाग इन हितग्राहियों का सत्यापन कर रहा है और अपात्र पाए जाने पर इनके नाम भी सूची से हटाए जा सकते हैं। विभाग ने गलत तरीके से जारी राशि की रिकवरी भी शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर l छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच के बाद बस्तर जिले में 5925 महिला हितग्राहियों के नाम योजना की सूची से हटाए गए हैं। विभागीय सत्यापन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी थी, दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई या पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार हटाए गए 5925 नामों में करीब 2000 ऐसे हितग्राही शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। विभाग का कहना है कि कुछ मामलों में हितग्राही की मृत्यु की जानकारी विभाग तक देर से पहुंची। इस वजह से उनके बैंक खातों में योजना की राशि जारी हो गई। अब ऐसे मामलों में जारी की गई राशि की रिकवरी की प्रक्रिया की जा रही है।
इसके अलावा जांच के दौरान कुछ ऐसे हितग्राहियों के मामले भी सामने आए, जो योजना की पात्रता पूरी नहीं करते थे। विभाग ने ऐसे अपात्र हितग्राहियों को होल्ड में डाल दिया है। अब तक इन मामलों में 5 लाख 80 हजार 800 रुपए की रिकवरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिला हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से हर महीने 1000 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना का लाभ सही पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए विभाग की ओर से लगातार सत्यापन किया जा रहा है।
वहीं बस्तर जिले में करीब 5600 हितग्राहियों ने अब तक अपना e-KYC नहीं कराया है। e-KYC पूरा नहीं होने के कारण इन हितग्राहियों की पात्रता का सत्यापन भी प्रभावित हो रहा है। विभाग ने ऐसे हितग्राहियों का सत्यापन तेज कर दिया है। यदि जांच में पात्रता पूरी नहीं होने की पुष्टि होती है, तो इनके नाम भी योजना की सूची से हटाए जा सकते हैं।
बता दें कि महतारी वंदन योजना की शुरुआत के पहले महीने में बस्तर जिले की करीब 1 लाख 94 हजार महिलाओं को पहली किस्त का लाभ मिला था। योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है।
विभागीय कार्रवाई के बाद अब योजना के लाभार्थियों के दस्तावेज और पात्रता की जांच पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मृत या अपात्र हितग्राहियों के नाम हटाकर योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना प्राथमिकता है। वहीं e-KYC नहीं कराने वाले हितग्राहियों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।