पुणे में Gen-Z छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, MPSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

महाराष्ट्र के पुणे में MPSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सड़कों पर उतरने से शहर में जंतर-मंतर जैसा माहौल नजर आया। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों की ओर से MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

Sep 7, 2026 - 13:17
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पुणे में Gen-Z छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, MPSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के पुणे में MPSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रतियोगी छात्रों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों की शिकायतों का स्पष्ट समाधान करने की मांग उठाई। छात्रों के प्रदर्शन के चलते पुणे की सड़कों पर जंतर-मंतर जैसा माहौल नजर आया।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा लंबे समय तक मेहनत करते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लगातार तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की कथित अनियमितता या गड़बड़ी से उनकी मेहनत और भविष्य पर असर पड़ता है। छात्रों ने कहा कि भर्ती परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी सेवा में जाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए इनके आयोजन से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में MPSC की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से संबंधित फैसलों, परीक्षा परिणामों और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लेकर आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कथित अनियमितताओं की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।

छात्रों की ओर से MPSC की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी के साथ आंदोलनकारियों की ओर से आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग भी किए जाने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को अभ्यर्थियों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहिए।

पुणे में हुए इस प्रदर्शन में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के शामिल होने की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकारी मार्च और विरोध के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तथा आयोग तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में युवा कई वर्षों तक समय और मेहनत लगाते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियां उनके भरोसे को प्रभावित करती हैं।

छात्रों ने मांग की है कि भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो। साथ ही परीक्षा आयोजन, प्रश्नपत्र, परिणाम और भर्ती के सभी चरणों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। पुणे में छात्रों का यह प्रदर्शन महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर बढ़ती चिंता और युवाओं की जवाबदेही एवं निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग को सामने लाता है।