डिंडोरी के टिकरी-पिपरी गांव में कीचड़ भरे रास्तों की बदहाली, छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानी

डिंडोरी जिले के टिकरी-पिपरी गांव में बारिश के बाद सड़कें कीचड़ से भर गई हैं। खराब रास्तों के कारण छात्राओं और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाली छात्राओं की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति सुधारने और स्थायी सड़क निर्माण की मांग की है। लंबे समय से समस्या बने रहने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।

Sep 7, 2026 - 13:11
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डिंडोरी के टिकरी-पिपरी गांव में कीचड़ भरे रास्तों की बदहाली, छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानी

UNITED NEWS OF ASIA. ओमप्रकाश परश्ते, डिंडोरी l डिंडोरी जिले के टिकरी-पिपरी गांव में बारिश के बाद सड़क और आवागमन की समस्या गंभीर हो गई है। लगातार बारिश के कारण गांव के रास्ते कीचड़ से भर गए हैं, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूल जाने वाली छात्राओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

बारिश के बाद टिकरी-पिपरी गांव के रास्तों की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रास्ते में फिसलन बढ़ गई है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को संभलकर आवागमन करना पड़ता है। स्कूल जाने वाली छात्राओं के लिए यह परेशानी और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में सड़क की समस्या हर साल गंभीर हो जाती है। रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति खराब होने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को भी आने-जाने में कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान तत्काल रास्ते को चलने योग्य बनाया जाए और भविष्य के लिए सड़क का स्थायी समाधान किया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण या रास्ते के सुधार को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। बारिश शुरू होने के बाद हालात और खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी वजह से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में आवागमन की सुविधा बेहतर होने से बच्चों को स्कूल जाने में आसानी होगी और ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।

मायावती ने ग्रामीणों की परेशानी को सामने रखते हुए सड़क की स्थिति सुधारने की आवश्यकता बताई। वहीं तरुण कुमार गोयल और रूपसिंह ने भी गांव के रास्तों की समस्या और बारिश के दौरान बढ़ने वाली दिक्कतों को लेकर अपनी बात रखी। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी रूप से रास्ते को ठीक करने के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण किया जाना जरूरी है, ताकि हर बारिश में लोगों को इसी समस्या से न जूझना पड़े।

टिकरी-पिपरी गांव की सड़क समस्या ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग पर जल्द संज्ञान लेकर सड़क की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा। फिलहाल बारिश के बीच कीचड़ भरे रास्तों से ग्रामीणों और छात्राओं का आवागमन जारी है और स्थानीय लोग स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।