कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन

कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का संयुक्त आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और उत्सवपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना से हुई। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं पर नाट्य प्रस्तुति, दही-हांडी, नृत्य, कविता, भाषण और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

Sep 7, 2026 - 14:04
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कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा से खास खबर है, जहां नगर के अशोका पब्लिक स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का संयुक्त आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और उत्सवपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ-साथ शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राधा-कृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। संस्कृत आचार्य दीपक मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ संपन्न कराया। पूजा के बाद विद्यालय परिसर में जन्माष्टमी का उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी विभिन्न लीलाओं पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा और कृष्ण की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे। बच्चों के पारंपरिक रूप ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। इसके साथ ही दही-हांडी कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। दही-हांडी के दौरान बच्चों में खासा उत्साह नजर आया और विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।

कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के बाद शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बच्चों ने कैटवॉक, नाटक, कविता, भाषण, नृत्य और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को उपहार भेंट कर उनका विशेष सम्मान भी किया।

विद्यालय संचालक पवन देवांगन ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। तकनीक ने शिक्षा को आसान और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन शिक्षक के अनुभव, संवेदनशीलता और प्रत्यक्ष मार्गदर्शन का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण बताया।

विद्यालय संचालिका सारिका देवांगन ने अपनी प्रेरक कविता “क्योंकि मैं शिक्षक हूँ, शिक्षक बनना आसान नहीं” के माध्यम से शिक्षकों के समर्पण, जिम्मेदारी और दायित्व को रेखांकित किया। उनकी कविता ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा और शिक्षक के महत्व को प्रभावी ढंग से सामने रखा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में धार्मिक आस्था के साथ रचनात्मकता और उत्साह का भी प्रदर्शन देखने को मिला। जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस को एक साथ मनाने से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और गुरुजनों के सम्मान का संदेश भी मिला। विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य एस.एल. नापित एवं लोकनाथ देवांगन ने विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और सहभागिता की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को उनके सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।