UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर l नेपानगर के ग्राम हैदरपुर में किसान पियूष महाजन के खेत में करीब 15 फीट लंबा विशालकाय अजगर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। खेत में इतने बड़े सांप को देखकर किसान और ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार यह अजगर पिछले तीन से चार दिनों से खेत के आसपास ही छिपा हुआ था, जिसके कारण किसान खेत में जाने से भी सावधानी बरत रहे थे।
बताया जा रहा है कि अजगर ने खेत में एक सियार का शिकार किया था। ग्रामीणों के मुताबिक सियार का वजन करीब 10 से 12 किलो के आसपास था, जबकि अजगर का वजन लगभग 30 किलो होने का अनुमान लगाया गया। विशालकाय अजगर को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
अजगर की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सर्पमित्र महाराज सातपायरी खेम सिंह राठौड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद सावधानीपूर्वक अजगर के रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की। अजगर का आकार काफी बड़ा होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था। काफी मशक्कत और सतर्कता के बाद सर्पमित्र ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि हैदरपुर और आसपास के खेतों में हरियाली, झाड़ियों तथा छोटे वन्यजीवों की पर्याप्त मौजूदगी रहती है। चूहे, सियार और अन्य जीवों की मौजूदगी के कारण भोजन की तलाश में अजगर खेतों की ओर पहुंच सकता है। माना जा रहा है कि अजगर आसपास की झाड़ियों या खेतों के रास्ते यहां पहुंचा होगा और शिकार मिलने के बाद कई दिनों तक उसी क्षेत्र में छिपा रहा। हालांकि वह खेत में किस रास्ते से आया, इसकी निश्चित जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से वन विभाग के हवाले कर दिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद किसान और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। खेत में मौजूद विशालकाय अजगर को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। सुरक्षित रेस्क्यू की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना की आशंका भी टल गई।
ग्रामीणों ने अजगर के रेस्क्यू के लिए सर्पमित्र का आभार जताया। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क को सामने ला दिया है। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में ग्रामीणों से सावधानी बरतने और ऐसे मामलों में स्वयं पकड़ने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।