मक्का रक्षा समझौते के बाद एक्शन में असीम मुनीर, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का किया दौरा

पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का दौरा कर हथियार एवं गोला-बारूद उत्पादन, आधुनिकीकरण और रक्षा निर्यात की तैयारियों की समीक्षा की। यह दौरा सऊदी अरब और तुर्की के साथ पाकिस्तान के हालिया रक्षा समझौते के बीच हुआ है।

Aug 30, 2026 - 10:43
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मक्का रक्षा समझौते के बाद एक्शन में असीम मुनीर, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का किया दौरा

UNITED NEWS OF ASIA. पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री यानी POF का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हथियार एवं गोला-बारूद के उत्पादन, नए हथियारों के विकास, सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं की समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौता किया है।

पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन परिसरों में शामिल है। दौरे के दौरान असीम मुनीर को फैक्ट्री में चल रहे आधुनिकीकरण कार्यों और रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर डिजाइन किए गए हथियारों और गोला-बारूद के परीक्षण से जुड़ी गतिविधियों का भी जायजा लिया।

पाकिस्तान की सैन्य मीडिया विंग ISPR के अनुसार, इस दौरे में रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पाकिस्तान का लक्ष्य विदेशी हथियारों और रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम करना तथा देश के भीतर आधुनिक हथियारों के उत्पादन की क्षमता को मजबूत करना बताया जा रहा है।

दौरे के दौरान असीम मुनीर ने POF में प्रस्तावित नए औद्योगिक संयंत्रों की योजनाओं का भी अवलोकन किया। जानकारी के मुताबिक दो नए इंडस्ट्रियल प्लांट पर काम चल रहा है और इनके साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं को पाकिस्तान की रक्षा उत्पादन क्षमता विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

असीम मुनीर का POF दौरा पाकिस्तान और सऊदी अरब तथा तुर्की के बीच हुए हालिया रक्षा समझौते की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगस्त 2026 की शुरुआत में हुए इस समझौते को व्यापक रक्षा सहयोग की दिशा में बड़ा कदम बताया गया है। समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में उसे सभी संबंधित देशों पर हमला माना जाने की व्यवस्था की बात सामने आई है।

इसी वजह से पाकिस्तान की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिशों को क्षेत्रीय सुरक्षा के बदलते समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि POF दौरे को सीधे तौर पर भारत के खिलाफ किसी नई सैन्य योजना की तैयारी बताने के लिए उपलब्ध जानकारी पर्याप्त नहीं है। फिलहाल सामने आई जानकारी मुख्य रूप से पाकिस्तान की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता, हथियारों के आधुनिकीकरण और रक्षा निर्यात बढ़ाने की दिशा में केंद्रित है।

पाकिस्तान लंबे समय से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भर रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर हथियार और गोला-बारूद उत्पादन बढ़ाने की कोशिश उसकी रणनीतिक आत्मनिर्भरता की नीति का हिस्सा हो सकती है। नए औद्योगिक संयंत्रों और मौजूदा उत्पादन इकाइयों के आधुनिकीकरण से पाकिस्तान अपनी रक्षा औद्योगिक क्षमता को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है।

असीम मुनीर के इस दौरे ने पाकिस्तान की रक्षा तैयारियों और सैन्य उत्पादन क्षमता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आने वाले समय में POF में प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति और पाकिस्तान के नए रक्षा सहयोग से यह स्पष्ट होगा कि उसकी सैन्य औद्योगिक रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।