UNITED NEWS OF ASIA. झारखंड | पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा नागुडसाईं क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया। इस ऑपरेशन को अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ अंजाम दिया गया।
इस बम निष्क्रियकरण अभियान का नेतृत्व धर्मेंद्र सिंह और आयुष कुमार सिंह ने किया। उनके साथ टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज शामिल रहे।
यह पूरा ऑपरेशन रांची स्थित सेना की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की बम निरोधक टीम द्वारा किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने बम को निष्क्रिय करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई।
जहां बम मिला था, वहां जमीन के भीतर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा तैयार किया गया, ताकि संभावित विस्फोट का प्रभाव सीमित क्षेत्र में ही रहे। इसके बाद बम को गड्ढे में रखकर चारों ओर बालू से भरी बोरियों से सुरक्षित घेरा बनाया गया।
पूरे ऑपरेशन को करीब एक किलोमीटर दूर से नियंत्रित किया गया, जिससे टीम की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों की सतर्कता और कुशलता के चलते यह जटिल ऑपरेशन बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं, लोगों ने राहत की सांस ली है कि इतने बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया।