बांग्लादेश में दर्दनाक हादसा: ढाका जा रही बस पद्मा नदी में गिरी, 23 लोगों की मौत
बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के दौलतदिया टर्मिनल पर एक यात्री बस फेरी पर चढ़ते समय नियंत्रण खो बैठी और पद्मा नदी में गिर गई। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचाई। लापता लोगों की तलाश के लिए सेना, पुलिस और कोस्टगार्ड की टीमें राहत व बचाव अभियान चला रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. बांग्लादेश में बुधवार शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जब ढाका जा रही एक यात्री बस पद्मा नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार नदी में खोज अभियान चला रहे हैं।
यह हादसा बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के दौलतदिया टर्मिनल पर उस समय हुआ, जब बस फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी। जानकारी के मुताबिक बस में करीब 40 यात्री सवार थे। अचानक बस चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सीधे पद्मा नदी में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बस फेरी की ओर बढ़ रही थी, उसी दौरान एक छोटी उपयोगी नाव (यूटिलिटी फेरी) पोंटून से टकरा गई। इस टक्कर के कारण बस चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे नदी में समा गई। इस दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए शोर मचाया और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया। सेना, पुलिस, अग्निशमन सेवा और तटरक्षक बल की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और नदी में खोज अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने ‘हमजा’ नाम के एक जहाज की मदद से करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आधी रात को बस को नदी से बाहर निकाला। जब बस को बाहर निकाला गया, तब उसमें से 21 शव बरामद हुए। इससे पहले गोताखोरों ने नदी से दो महिलाओं के शव निकाल लिए थे, जिससे मृतकों की कुल संख्या 23 हो गई।
इस हादसे में कुछ यात्रियों ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली। रिपोर्ट के मुताबिक 11 लोग नदी से तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। वहीं कुछ लोगों को आसपास मौजूद लोगों और बचाव दल की मदद से भी बाहर निकाला गया। हालांकि, कई यात्री बस के अंदर ही फंसे रह गए थे, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बस में सवार कई यात्री एक ही परिवार के थे। ईद की छुट्टियां खत्म होने के बाद वे ढाका लौट रहे थे। हादसे के दौरान बस के बाहर खड़े कुछ लोग तो बच गए, लेकिन उनके परिवार के सदस्य वाहन के अंदर ही फंस गए और डूब गए। इस कारण मौके पर मौजूद लोगों के बीच गहरा दुख और शोक का माहौल बन गया।
अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है। गोताखोर लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने कहा है कि बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक सभी यात्रियों का पता नहीं चल जाता।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बांग्लादेश सरकार भी सक्रिय हो गई है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर हादसे की पूरी जानकारी ली और दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
बांग्लादेश में नदी पार करने के लिए फेरी सेवा का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। देश में कई जगहों पर बसों और अन्य वाहनों को फेरी के माध्यम से नदी पार कराई जाती है। हालांकि, इस तरह की दुर्घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि फेरी संचालन और वाहन चढ़ाने की प्रक्रिया में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन और बचाव दल की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी लापता लोगों का पता लगाया जाए और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाया जाए।