नई व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को हर उमराह यात्रा से पहले Nusuk प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर से नया उमराह पैकेज बुक करना होगा। इसके बाद यात्रा की तारीखों के अनुसार उमराह परमिट प्राप्त करना होगा। यानी मल्टीपल एंट्री वीजा की वैधता एक साल तक होने के बावजूद हर नई उमराह यात्रा के लिए संबंधित प्रक्रिया दोबारा पूरी करनी होगी।
मल्टीपल एंट्री उमराह वीजा जुलाई में शुरू किया गया था। यह वीजा जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक वैध रहता है और इसके माध्यम से यात्री एक से अधिक बार सऊदी अरब में प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, नए नियमों के बाद वीजा की वैधता को उमराह यात्रा के लिए स्वतः अनुमति के रूप में नहीं देखा जा सकेगा।
पहली बार उमराह यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को Nusuk प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकृत सर्विस पैकेज खरीदना होगा। इसके बाद वीजा आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक जांच एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। दोबारा उमराह यात्रा करने वालों को भी अपनी नई यात्रा के लिए संबंधित पैकेज और परमिट की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सऊदी हज और उमराह मंत्रालय के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य उमराह यात्रियों के लिए सेवाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। पैकेज में यात्रियों के ठहरने, यात्रा और अन्य आवश्यक सेवाओं को उनकी निर्धारित यात्रा अवधि के अनुरूप व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उमराह के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने में भी नई व्यवस्था उपयोगी मानी जा रही है।
यात्रियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी यात्रा की तारीखों के अनुसार Nusuk प्लेटफॉर्म पर अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर से पैकेज बुक करें और यात्रा से पहले नया उमराह परमिट प्राप्त करें। केवल पुराने या वैध मल्टीपल एंट्री वीजा के आधार पर यात्रा की योजना बनाने से पहले नए नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
नए नियमों के लागू होने से उमराह की योजना बनाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले दस्तावेजों और परमिट की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना होगा। खासकर ऐसे श्रद्धालु जो एक वर्ष के मल्टीपल एंट्री उमराह वीजा के माध्यम से एक से अधिक बार सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें प्रत्येक यात्रा से पहले Nusuk पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सऊदी अरब की ओर से लागू की गई यह व्यवस्था उमराह यात्रियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक कदम है। इससे यात्रियों के आवास, परिवहन और अन्य सेवाओं को यात्रा की तारीखों के अनुसार व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।