रायपुर में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस, अमन-मोहब्बत और भाईचारे का दिया संदेश

रायपुर में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के तत्वावधान में भव्य जुलूसे ईद मिलादुन्नबी निकाला गया। महबूबिया चौक बैजनाथपारा से शुरू हुआ जुलूस प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सीरत मैदान पहुंचा। हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में घोड़े, ऊंट, सजी हुई कारें और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में अमन, मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया गया।

Aug 29, 2026 - 09:48
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रायपुर में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस, अमन-मोहब्बत और भाईचारे का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के तत्वावधान में भव्य जुलूसे ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। अकीदत, अनुशासन और आपसी भाईचारे के माहौल में आयोजित इस जुलूस में रायपुर शहर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। आयोजन के दौरान अमन, मोहब्बत, इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।

जुलूस का आयोजन हजरत सय्यद हसन अशरफ अशरफुल जिलानी, किछौछा मुकद्दसा, उत्तर प्रदेश की सरपरस्ती और कायदत में किया गया। इस दौरान उनके हाथों परचम-कुशाई की रस्म अदा की गई। कार्यक्रम में उलमा-ए-किराम, बुजुर्गाने दीन, जिम्मेदारान-ए-कौम, विभिन्न मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

जुलूसे ईद मिलादुन्नबी महबूबिया चौक, बैजनाथपारा से रवाना हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सीरत मैदान पहुंचा। जुलूस के दौरान रास्ते में लोगों ने सलाम और दरूद-ओ-सलाम पेश किया। आयोजन में शामिल लोगों ने आपसी प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के बावजूद अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर रहा।

जुलूस की प्रमुख विशेषताओं में घोड़े, सजे हुए ऊंट, आकर्षक झांकियां और फूलों से सजाई गई कारें शामिल रहीं। कई लोगों ने अपनी कारों को विशेष रूप से सजाकर जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद और मोहब्बत का संदेश दिया। इन झांकियों और सजी हुई गाड़ियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

सीरत मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उलमा-ए-किराम ने पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा की सीरत और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने अमन, मोहब्बत, इंसानियत, सहिष्णुता, आपसी सम्मान और सामाजिक भाईचारे को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सीरत-ए-मुस्तफा इंसानियत को प्रेम, रहमत और एक-दूसरे के सम्मान की सीख देती है।

कार्यक्रम के समापन पर देश की तरक्की, अमन-ओ-आमान, छत्तीसगढ़ और रायपुर की खुशहाली तथा आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। देश में एकता और सामाजिक सद्भाव कायम रहने के साथ सभी लोगों की सलामती की कामना की गई। इसके बाद सीरत मैदान में आम लंगर का आयोजन भी किया गया।

शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर मोहम्मद सोहेल सेठी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में कमेटी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विभिन्न मोहल्ला कमेटियों, वालंटियर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चीफ ऑर्गेनाइजर मोहम्मद सिराज और मीडिया प्रभारी अब्दुल नादिर खान सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और संचालन में योगदान दिया।

आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, फाउंडर मेंबर हाजी शेख नजीमुद्दीन, जनरल सेक्रेटरी हाजी सबीहुद्दीन, वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिज़वी, हाजी बदरुद्दीन खोखर, इकबाल शरीफ, डॉ. मुजाहिद अली फारूकी, मोइनुद्दीन, मुफ्ती एहतेशाम अली फारूकी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। पूर्व महापौर एजाज ढेबर सहित सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता की।

शहर सीरतुन्नबी कमेटी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मीडिया, वालंटियर्स, मोहल्ला कमेटियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सभी अकीदतमंदों का आभार व्यक्त किया। कमेटी ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी का यह आयोजन रायपुर की आपसी मोहब्बत, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और अमन की भावना को मजबूत करने वाला अवसर रहा।