UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड एवं मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष और प्रांतीय सचिव पद के लिए रविवार को रायपुर में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई। निर्वाचन के दौरान प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। मतगणना पूरी होने के बाद चुन्नीलाल ध्रुव को सर्वाधिक मत प्राप्त हुए और उन्हें महासंघ का प्रांतीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। वहीं शुभम सोनी प्रांतीय सचिव पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में चुन्नीलाल ध्रुव को 339 मत प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रत्याशी मालिक राम पोर्ते को 188 मत मिले। नंद किशोर सोनी को 122 मत तथा रवी तिवारी को 13 मत प्राप्त हुए। मतगणना के परिणाम के आधार पर चुन्नीलाल ध्रुव को सर्वाधिक मत मिलने पर छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड एवं मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित किया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान महासंघ के कर्मचारियों और सदस्यों में उत्साह का माहौल रहा। परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष चुन्नीलाल ध्रुव और प्रांतीय सचिव शुभम सोनी का सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने स्वागत करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया जाएगा। कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने के साथ मंडी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
चुन्नीलाल ध्रुव और शुभम सोनी ने संगठन की एकता और मजबूती को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की प्रभावी ढंग से पैरवी करने के लिए संगठन का मजबूत और एकजुट रहना जरूरी है। महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों से जुड़े विषयों को उचित स्तर पर उठाने और उनके समाधान के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही गई।
इस अवसर पर महासंघ की ओर से कमलेश एक्का और मालिक राम पोर्ते द्वारा मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की भी कड़ी शब्दों में निंदा की गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और महासंघ के सदस्यों ने इन आरोपों को आधारहीन एवं अनर्गल बताया।
निर्वाचन के बाद महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों, कार्यस्थल की समस्याओं और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर आगे भी सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही गई। नए नेतृत्व के सामने कर्मचारियों की अपेक्षाओं को पूरा करने और महासंघ की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी।