भिलाई में नेपाली समाज की महिलाओं ने मनाया दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह, दिखी संस्कृति की झलक

दुर्ग-भिलाई में नेपाली समाज की महिलाओं ने दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में कविता थापा और रोजलीना सिंह सहित दुर्ग-भिलाई और नागपुर से समाज की महिलाएं शामिल हुईं। पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच नेपाली समाज की परंपराओं की झलक देखने को मिली। नेपाल में हुई त्रासदी को लेकर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई।

Sep 2, 2026 - 12:42
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भिलाई में नेपाली समाज की महिलाओं ने मनाया दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह, दिखी संस्कृति की झलक

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l भिलाई में नेपाली समाज की महिलाओं की ओर से दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग-भिलाई के साथ नागपुर से भी नेपाली समाज की महिलाएं शामिल हुईं। समारोह के दौरान पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नेपाली संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में कविता थापा और रोजलीना सिंह मुख्य रूप से शामिल हुईं। महिलाओं ने आपसी मेलजोल के साथ तीज पर्व की खुशियां साझा कीं और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह के दौरान नेपाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य के माध्यम से अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उत्सव का माहौल रहा और अलग-अलग स्थानों से पहुंची महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ समय बिताते हुए तीज की परंपराओं को साझा किया। आयोजन का उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाना और नेपाली संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा।

समारोह के दौरान नेपाली और गोरखा समाज के पारंपरिक प्रतीक चिन्ह खुखरी को लेकर भी चर्चा हुई। खुखरी को गोरखा समाज की पहचान और पशुपतिनाथ से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। कार्यक्रम में कविता थापा ने बताया कि उनके पूर्वज इस प्रतीक चिन्ह को लेकर आगे बढ़ते रहे हैं और समाज आज भी इस परंपरा का अनुपालन करता है। उन्होंने कहा कि खुखरी गोरखा समाज की पहचान और गौरव से जुड़ा प्रतीक है, जिसे समाज अपनी परंपराओं के साथ संजोकर रखता है।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक उत्सव के साथ संवेदनशीलता का पक्ष भी देखने को मिला। नेपाल में हुई त्रासदी को लेकर नेपाली समाज की महिलाओं ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। महिलाओं ने इस दौरान प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता जताई। तीज मिलन समारोह के बीच श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने आयोजन को भावनात्मक स्वरूप भी दिया।

दुर्ग-भिलाई में आयोजित इस कार्यक्रम में नागपुर से महिलाओं की भागीदारी ने इसे व्यापक सामाजिक जुड़ाव का रूप दिया। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने पारंपरिक पर्व के माध्यम से समाज की एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के बीच महिलाओं ने नेपाली संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत किया।

नेपाली समाज के ऐसे आयोजन न केवल त्योहारों और परंपराओं को मनाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का अवसर भी देते हैं। दीदी बहिनी तीज मिलन समारोह में भी इसी सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भविष्य में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को इसी तरह आगे बढ़ाने की बात कही।