लाखागढ़ में आवारा पशुओं और सुअरों से बढ़ी परेशानी, गंदगी और बीमारी के खतरे के बीच कार्रवाई की मांग

महासमुंद जिले के लाखागढ़ और पिथौरा क्षेत्र के कई वार्डों में आवारा सुअरों, कुत्तों और मवेशियों की समस्या को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। नागरिकों का आरोप है कि नालियों की सफाई नहीं होने और डस्टबिन की व्यवस्था के अभाव में गंदगी बढ़ रही है। लोगों ने सुअरों को हटाने, सफाई अभियान चलाने, दवाओं का छिड़काव कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

Sep 2, 2026 - 12:53
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लाखागढ़ में आवारा पशुओं और सुअरों से बढ़ी परेशानी, गंदगी और बीमारी के खतरे के बीच कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l पिथौरा नगर पंचायत और लाखागढ़ क्षेत्र के कई वार्डों में आवारा पशुओं और सुअरों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय रहवासियों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि पुराने पानी टंकी क्षेत्र, लाखागढ़ के वार्ड क्रमांक 14, 15, 16, 17 और 18 सहित पुरानी पानी टंकी के पीछे, आंगनबाड़ी के आसपास और शिव मंदिर क्षेत्र में सुअरों और आवारा कुत्तों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। रहवासियों के अनुसार गली, नाली और कचरे के आसपास सुअरों के झुंड दिखाई देते हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी और असुविधा की स्थिति बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुअर घूमते रहते हैं और कई बार आवारा कुत्तों के साथ झुंड में उनका संघर्ष भी होता है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बनता है। बताया गया है कि इन क्षेत्रों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों का भी आवागमन होता है, ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बरसात के मौसम में गंदगी और जलभराव की स्थिति के कारण संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी लोगों ने जताई है।

रहवासियों के मुताबिक नालियों में गंदगी जमा होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर कचरे के लिए पर्याप्त डस्टबिन उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते खुले स्थानों पर कचरा जमा होने की स्थिति बनती है। लोगों का आरोप है कि इससे बदबू और गंदगी की समस्या बढ़ रही है और सुअरों तथा अन्य आवारा पशुओं को भोजन के लिए खुले कचरे तक आसानी से पहुंच मिल जाती है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत और पंचायत प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले सुअर मालिकों पर कार्रवाई और जुर्माने की व्यवस्था के कारण सुअरों को खुले में छोड़ने की स्थिति पर कुछ नियंत्रण था, लेकिन वर्तमान में ऐसी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। नागरिकों ने सुअर मालिकों की जिम्मेदारी तय करने और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

रहवासियों की मांग है कि क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर आवारा सुअरों को हटाया जाए। इसके साथ ही नालियों की नियमित सफाई, कचरा उठाने की व्यवस्था, आवश्यक स्थानों पर डस्टबिन की उपलब्धता और मच्छर नियंत्रण के लिए दवाओं का छिड़काव कराया जाए। लोगों का कहना है कि केवल माइक से मुनादी या बैठकों तक समस्या सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था में सुधार दिखाई देना चाहिए।

गुरु तेग बहादुर भवन के आसपास सहित विभिन्न वार्डों में भी नागरिकों ने सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आवारा गायों और कुत्तों की समस्या के बाद अब सुअरों की बढ़ती संख्या से परेशानी और बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नागरिकों ने लाखागढ़ पंचायत और पिथौरा नगर पंचायत से तत्काल कार्रवाई कर क्षेत्र को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने की मांग की है।