नेपाल त्रासदी के बीच भारत ने भेजी पांचवीं खेप, 5.5 टन दवाओं के साथ 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम रवाना
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने पांचवीं राहत खेप भेजी है। इस विमान के जरिए 5.5 टन जरूरी दवाएं और 11 सदस्यीय बचाव दल नेपाल भेजा गया है। भारत इससे पहले भी राहत सामग्री और तकनीकी टीम नेपाल भेज चुका है।
UNITED NEWS OF ASIA. नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उसके बाद पैदा हुई स्थिति के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी सहायता लगातार जारी रखी है। इसी क्रम में भारत ने नेपाल के लिए पांचवीं राहत खेप रवाना की है। पांचवें विमान के जरिए 5.5 टन जरूरी दवाएं नेपाल भेजी गई हैं। इसके साथ ही 11 सदस्यीय बचाव दल भी नेपाल पहुंचने के लिए रवाना हुआ है। यह टीम बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग करेगी।
नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में लोग राहत और सहायता की जरूरत में हैं, जबकि कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे हालात में भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीम को बचाव एवं राहत कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पांचवें भारतीय विमान के नेपाल रवाना होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने इस खेप के साथ बड़ी मात्रा में आवश्यक दवाएं भेजी हैं। विमान में कुल 5.5 टन जरूरी दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा 11 सदस्यीय बचाव दल भी नेपाल भेजा गया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर चल रहे राहत और खोज एवं बचाव कार्यों में सहायता करेगा।
भारत इससे पहले भी नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और तकनीकी सहायता भेज चुका है। जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले भारत ने चौथा विमान नेपाल भेजा था, जिसमें करीब 11 टन राहत सामग्री के साथ तकनीकी दल भी शामिल था। भारत की ओर से लगातार भेजी जा रही सहायता का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना और राहत कार्यों में सहयोग करना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी नेपाल में जारी राहत प्रयासों के संबंध में भारत की सहायता का उल्लेख किया है। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सहयोगात्मक संबंध रहे हैं और प्राकृतिक आपदा जैसे कठिन समय में दोनों देशों के बीच मानवीय सहायता और समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार अब तक बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि हजारों लोगों के लापता होने की सूचना बताई गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से राहत टीमों के सामने भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
ऐसे समय में भारत की ओर से भेजी गई पांचवीं खेप में दवाओं के साथ बचाव दल की मौजूदगी राहत अभियान के लिए अहम हो सकती है। 11 सदस्यीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव से जुड़े प्रयासों में सहयोग करेगी, जबकि भेजी गई दवाएं जरूरतमंद लोगों के उपचार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं में इस्तेमाल की जाएंगी।
नेपाल में राहत अभियान अभी भी जारी है और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। भारत की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि वह पड़ोसी देश में आई इस आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में सहयोग जारी रखेगा। पांचवीं राहत खेप के नेपाल पहुंचने के बाद अब भारतीय बचाव दल और चिकित्सा सामग्री के जरिए चल रहे मानवीय प्रयासों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।