कबीरधाम साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के मास्टरमाइंड नीलू यादव को टीकमगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र से किया गिरफ्तार
कबीरधाम साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी नीलू यादव को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले तीन महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कबीरधाम के अलावा मध्य प्रदेश में भी कई मामले दर्ज हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में साइबर ठगी के मामलों की जांच कर रही साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर ठगी के मुख्य आरोपी नीलू यादव को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब तीन महीने से लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और बैंकिंग लेन-देन की जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की पहचान की और मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
मामले की शुरुआत 4 मई 2026 को हुई, जब एक शिक्षक ने साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन कर भय और दबाव बनाते हुए रुपये की मांग की गई और यूपीआई के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई गई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी, बैंकिंग लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में आरोपी की लोकेशन मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और टीकमगढ़ के आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने कबीरधाम जिले में अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया था। इस संबंध में 8 मई 2026 को साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में अपराध क्रमांक 05/2026 के तहत एक अन्य मामला दर्ज किया गया। दोनों मामलों को आपस में जोड़कर पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि ठगी के लिए अलग-अलग लोगों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था और रकम विभिन्न चॉइस सेंटरों के माध्यम से जमा या ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों तथा बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी अखिलेश कौशिक और उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया। लगातार तकनीकी विश्लेषण और फील्ड कार्रवाई के बाद पुलिस ने नीलू यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में अपराध क्रमांक 10/2026 सहित अन्य मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुका है और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस मामले में साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित की ठगी गई रकम को समय रहते होल्ड कराया गया है। पुलिस के अनुसार आवश्यक वैधानिक और बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अज्ञात व्यक्ति के फोन या मैसेज पर भय या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करें और निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस थाना को सूचना दें, ताकि रकम को समय रहते सुरक्षित कराया जा सके।