तमिलनाडु के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन, सेल्फी और रील बनाने पर भी रोक, VIP श्रद्धालुओं पर भी लागू नियम

तमिलनाडु के 52 प्रमुख मंदिरों में 1 सितंबर से स्मार्टफोन ले जाने और इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले मोबाइल डिपोजिट काउंटर पर फोन जमा करना होगा। सेल्फी, रील, वीडियो रिकॉर्डिंग और धार्मिक अनुष्ठानों की रिकॉर्डिंग पर भी रोक रहेगी। यह नियम आम श्रद्धालुओं के साथ VIP और मशहूर लोगों पर भी लागू होगा।

Sep 2, 2026 - 11:31
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तमिलनाडु के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन, सेल्फी और रील बनाने पर भी रोक, VIP श्रद्धालुओं पर भी लागू नियम

UNITED NEWS OF ASIA. तमिलनाडु में प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नया नियम लागू कर दिया गया है। राज्य के 52 प्रमुख मंदिरों में अब कैमरे वाले स्मार्टफोन ले जाने और उनका इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध रहेगा। यह व्यवस्था 1 सितंबर से लागू की गई है। हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स विभाग यानी HR&CE के मंत्री रमेश के अनुसार, मंदिर परिसरों में सेल्फी लेने, रील बनाने, फोटो खींचने और वीडियो रिकॉर्ड करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। खास बात यह है कि यह नियम आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ VIP, बड़ी हस्तियों और मशहूर लोगों पर भी समान रूप से लागू होगा।

नए नियम के तहत जिन श्रद्धालुओं के पास स्मार्टफोन होगा, उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से पहले निर्धारित मोबाइल डिपोजिट काउंटर पर अपना फोन जमा करना होगा। इसके लिए प्रति मोबाइल फोन 5 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। मंदिर प्रशासन की ओर से मोबाइल जमा करने और वापस लेने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान फोन साथ रखने की जरूरत न पड़े। हालांकि ऐसे मोबाइल फोन जिनमें कैमरा नहीं है, उन्हें मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति दी जाएगी।

यह फैसला 2 दिसंबर 2022 को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच की ओर से दिए गए आदेश के आधार पर लागू किया गया है। मंदिर परिसरों में फोटो खींचने, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया के लिए रील तैयार करने को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से मंदिरों की धार्मिक गरिमा और शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित हो सकता है। नए नियम का उद्देश्य मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखना और श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर देना है।

कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथि वरदार मंदिर में इस व्यवस्था की शुरुआत सुबह 6 बजे से की गई। यहां मोबाइल फोन जमा कराने के लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और दो अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मंदिर प्रशासन को प्रवेश द्वार और परिसर के बाहर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को नियमों की जानकारी देने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

HR&CE विभाग के अनुसार मंदिर परिसर में देवी-देवताओं की तस्वीर लेने, धार्मिक अनुष्ठानों की रिकॉर्डिंग करने और वीडियो बनाने पर भी रोक रहेगी। VIP या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के मंदिर पहुंचने पर उनकी फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति भी नहीं होगी। यानी मंदिर परिसर में मोबाइल कैमरे के इस्तेमाल को लेकर किसी विशेष व्यक्ति को अलग छूट नहीं दी जाएगी।

पहले चरण में यह प्रतिबंध तिरुचेंदूर, पलानी, तिरुप्परंकुंद्रम, तिरुवन्नामलाई, समायपुरम, श्रीरंगम, रामेश्वरम और सुचिंद्रम जैसे प्रमुख मंदिरों में लागू किया गया है। इसके अलावा नेल्लैयप्पर मंदिर, मदुरै अलगर मंदिर, कोयंबटूर कोनियाम्मन मंदिर और सलेम फोर्ट मरियम्मन मंदिर भी इस सूची में शामिल हैं। चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में वडापलानी मुरुगन, मायलापुर कपालीश्वरर, ट्रिप्लिकेन पार्थसारथी, तिरुवोट्टियूर वडिवुडई अम्मन, थिरुवेरकाडु देवी करुमरियम्मन, कुंद्राथुर मुरुगन और मंगाडु कामाक्षी अम्मन मंदिरों में भी नियम लागू होंगे। कांचीपुरम के कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और एकंबरेश्वर मंदिर के साथ तिरुवल्लूर के वीरराघव पेरुमल और तिरुत्तनी के मुरुगन मंदिर को भी इस व्यवस्था के दायरे में रखा गया है।