पीएम-अजय योजना से मिला 50 हजार का अनुदान और ऋण, ब्यूटी पार्लर बना सती बाई की आत्मनिर्भरता का जरिया
कबीरधाम जिले के ग्राम मरका की सती बाई कोरी को पीएम-अजय योजना के तहत ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान और ऋण सहायता मिली। योजना की मदद से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम l कबीरधाम जिले के ग्राम मरका, तहसील कवर्धा निवासी सती बाई कोरी के जीवन में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना यानी पीएम-अजय ने आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में सती बाई को ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ। अनुदान और ऋण की सहायता से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और अब अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।
सती बाई बताती हैं कि जब उन्हें पीएम-अजय योजना के बारे में जानकारी मिली, तब उन्होंने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से संबंधित विभाग में आवेदन किया। योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता और ऋण की मदद से उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की। उनके लिए यह केवल रोजगार शुरू करने का अवसर नहीं था, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
व्यवसाय शुरू होने के बाद सती बाई की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ब्यूटी पार्लर से होने वाली आमदनी के माध्यम से वह परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी पहले से बेहतर तरीके से ध्यान दे पा रही हैं। नियमित रूप से ऋण की किश्त जमा करने के साथ वह व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
सती बाई का कहना है कि योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। विभागीय अधिकारियों से मिलने वाला मार्गदर्शन भी उनके लिए उपयोगी साबित हो रहा है। उनका मानना है कि सही दिशा में मेहनत और शासन की सहायता मिलने से छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का माध्यम बन सकता है।
सती बाई अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि विष्णु भइया के सुशासन में जरूरतमंद परिवारों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। शासन की योजना से उन्हें अनुदान और सहयोग मिला, जिसके कारण वह अपना काम शुरू कर सकीं। अब छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों से कर्ज लेने की मजबूरी कम हुई है और वह मेहनत के साथ अपने परिवार का भविष्य बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राज्य शासन द्वारा महिलाओं और वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। पीएम-अजय योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन देकर उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सती बाई कोरी की कहानी इसी प्रयास का उदाहरण है, जहां सरकारी सहायता के माध्यम से एक परिवार को आर्थिक मजबूती मिली और स्वरोजगार आत्मनिर्भरता का जरिया बन गया।