दुर्गम ग्राम गमपुर पहुँची जनपद टीम, 60 जॉब कार्ड और 68 मतदाता कार्ड वितरित
बीजापुर जनपद पंचायत की टीम ने पहली बार अत्यंत दुर्गम ग्राम गमपुर पहुँचकर 60 जॉब कार्ड और 68 मतदाता कार्ड वितरित किए। अधिकारियों ने नदी-नालों व पहाड़ी क्षेत्रों को पार करते हुए ग्रामीणों तक शासन की योजनाएँ पहुँचाई।
UNITED NEWS OF ASIA. पी. सतीश कुमार, बीजापुर | सुकमा और बीजापुर की सीमाओं से घिरे ग्राम गमपुर जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में 18 नवंबर को पहली बार विकासखंड स्तर के अधिकारी पहुँचे। जनपद पंचायत बीजापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पी.आर. साहू के नेतृत्व में कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र गवेल, एडीईओ मेघराज वट्टी, तकनीकी सहायक तोरण उर्वशा, सेल्समैन हरीश उर्वशा, सरपंच वामन कड़ती, सचिव बिल्लाराम तथा जनपद कर्मचारी प्रेम यादव की टीम जंगलों, नदी-नालों और बीहड़ पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए ग्राम गमपुर पहुँची। यह यात्रा अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही और इसे ग्रामीणों ने ऐतिहासिक कदम के रूप में सराहा।
सीईओ साहू ने बताया कि सुकमा जिले के गौटपल्ली में सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद ग्राम पंचायत गमपुर (गमपुर, कुंएम और अन्ड्री) को नईद नेल्लानार योजना में शामिल किया गया है। टीम बीजापुर से दंतेवाड़ा–बचेली होते हुए किरंदुल पहुँची और वहाँ से 24 किलोमीटर मोटरसाइकिल यात्रा के बाद मलगेर नदी, बीहड़ पहाड़ी के तीन किलोमीटर पैदल मार्ग और छह छोटे नालों को पार कर आखिरकार गमपुर तक पहुँची।
ग्राम पंचायत गमपुर में कुल 359 परिवार निवास करते हैं। इनमें से केवल 102 परिवारों के पास आधार कार्ड, 98 के पास ईपिक कार्ड और 68 परिवारों के पास बैंक खाते मौजूद हैं। इस यात्रा के दौरान ग्रामीणों को 60 जॉब कार्ड और 68 मतदाता पहचान पत्र वितरित किए गए।
सीईओ साहू ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही पीड़िया में सैचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी परिवारों को आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुँच सके।