यह पहल Vishnu Deo Sai के मार्गदर्शन और Raipur District Administration की सक्रियता से संचालित की जा रही है। इसी के तहत छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीहू कारके, जो लंबे समय से हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, का समय पर इलाज संभव हो पाया।
दरअसल, हृदय की समस्या के कारण पीहू को खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में काफी परेशानी होती थी। सामान्य बच्चों की तरह दौड़ना या खेलना उसके लिए कठिन था। इसी दौरान पुलिस विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आयोजित Project Chhavn के अंतर्गत एक स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया।
इस शिविर में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू की जांच की। प्रारंभिक परीक्षण में उसके हृदय से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उसे आगे के उपचार के लिए Satya Sai Hospital भेजा गया।
नवा रायपुर स्थित अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के बाद पीहू की सर्जरी करने का निर्णय लिया। चिकित्सकों की टीम ने एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद पीहू की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों की निगरानी के बाद उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अब पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह अपने स्कूल की पढ़ाई में मन लगा रही है। वह अपने परिवार के साथ समय बिताते हुए बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है।
पीहू की माता Indrani Karke ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ के माध्यम से जांच और इलाज नहीं मिलता, तो उनकी बेटी की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
‘प्रोजेक्ट धड़कन’ जैसी पहल न केवल गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों को भी नई उम्मीद और विश्वास दे रही है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर चिकित्सा सुविधा और प्रशासन की सक्रियता से कई बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है।