MCB में कलेक्टर हटाने की मांग पर कांग्रेस में दो फाड़? पूर्व विधायक और सांसद के बयानों से बढ़ी सियासी तपिश

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। जहां पूर्व विधायक गुलाब कमरों और जिलाध्यक्ष लगातार कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय सांसद ने इसे केवल जनसमस्याओं से जुड़ा आंदोलन बताया है। विरोधाभासी बयानों से जिले की राजनीति गरमा गई है।

Jan 20, 2026 - 11:10
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MCB में कलेक्टर हटाने की मांग पर कांग्रेस में दो फाड़? पूर्व विधायक और सांसद के बयानों से बढ़ी सियासी तपिश

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र शुक्ला, कोरिया | मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में इन दिनों कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के भीतर ही अलग-अलग सुर सुनाई देने लगे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों और कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारा कलेक्टर को हटाए जाने की लगातार मांग की जा रही है, जबकि क्षेत्रीय सांसद के हालिया बयान ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

पूर्व विधायक गुलाब कमरों का आरोप है कि जिले में प्रशासनिक कार्यशैली जनहित के अनुरूप नहीं है और कलेक्टर को तत्काल हटाया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष भी इस मांग का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि जिला कांग्रेस नेतृत्व कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।

हालांकि, इसी बीच क्षेत्रीय सांसद ने इस पूरे आंदोलन से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी को हटाना नहीं, बल्कि क्षेत्र की मूलभूत जनसमस्याओं को सरकार और प्रशासन के सामने रखना है। सांसद के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर समन्वय की कमी है या फिर यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘जनसमस्याओं’ को लेकर आंदोलन करना और सीधे तौर पर कलेक्टर को हटाने की मांग करना, दोनों में बड़ा अंतर है। प्रदर्शन और ज्ञापनों में जिस तरह से जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है, उसने कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।

सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि कहीं जनसमस्याओं की आड़ में किसी और उद्देश्य को साधने की कोशिश तो नहीं की जा रही। वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट इस विवाद को और हवा दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासनिक नियंत्रण और स्थानीय समीकरणों से जोड़कर भी देख रहे हैं।

फिलहाल, कलेक्टर हटाने की मांग ने जिले की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस अंदरूनी मतभेद को कैसे सुलझाता है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और उच्च स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।