जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाएं रोकने सख्त निर्देश, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर लगाने पर जोर

दुर्ग जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में भारतमाला सड़क, पुरई बोगदा और केनाल रोड निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

Jun 11, 2026 - 18:41
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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाएं रोकने सख्त निर्देश, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर लगाने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि रात के समय और खराब मौसम में भी सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दुर्घटनाजन्य स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और चिन्हित स्थानों पर तुरंत सुधारात्मक कार्यवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में भारतमाला परियोजना सड़क से जुड़े विभिन्न तकनीकी और यातायात सुधार संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। भिलाई इस्पात संयंत्र के वाहनों को भारतमाला सड़क से जोड़ने, पुरई के पास स्थित बोगदा की ऊंचाई बढ़ाने तथा भिलाई क्षेत्र में केनाल रोड निर्माण जैसे प्रस्तावों पर विचार किया गया। इन सभी कार्यों को यातायात सुगमता और दुर्घटनाओं में कमी लाने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया।

इसके साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए सभी अंडरब्रिज की सफाई और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और आवागमन बाधित न हो।

कलेक्टर ने यातायात नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा जैसे नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी वीरेंद्र सिंह, एएसपी यातायात ऋचा मिश्रा, निगम आयुक्त भिलाई राजीव पांडेय, निगम आयुक्त दुर्ग सुमीत अग्रवाल, विभिन्न एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।