'नशे से दूरी है ज़रूरी' अभियान के अंतिम चरण में मलाजखंड पुलिस ने चलाया जनजागरूकता अभियान

मध्य प्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी' अभियान के अंतिम चरण में मलाजखंड पुलिस ने केंद्रीय विद्यालय, एसबीआई शाखा, बस स्टैंड और होटलों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।

Jul 25, 2026 - 12:18
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'नशे से दूरी है ज़रूरी' अभियान के अंतिम चरण में मलाजखंड पुलिस ने चलाया जनजागरूकता अभियान

UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, मलाजखंड l मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी' अभियान के अंतिम चरण के तहत मलाजखंड पुलिस ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। इसके तहत पुलिस टीम ने केंद्रीय विद्यालय मलाजखंड, एसबीआई शाखा, बस स्टैंड तथा विभिन्न होटल एवं सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों से संवाद किया और उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

केंद्रीय विद्यालय मलाजखंड में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसकी शिक्षा, परिवार, करियर और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर असर डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवार तथा समाज के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम में बैहर एसडीओपी चंद्रशेखर पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनका स्वस्थ एवं नशामुक्त रहना समाज के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की प्रतिभा और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है। इसलिए युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा विरोधी अभियान के सक्रिय सहभागी बनने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

विद्यालय कार्यक्रम के अलावा पुलिस टीम ने एसबीआई शाखा, बस स्टैंड और विभिन्न होटल संचालकों से भी संवाद किया। इस दौरान बैंक कर्मचारियों, यात्रियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की गई। लोगों को बताया गया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे जागरूक करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी और जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंच सके।

अभियान के दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों ने भी नशे से दूर रहने तथा दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध कारोबार की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

मलाजखंड पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान न केवल युवाओं को सही दिशा देने का प्रयास है, बल्कि समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।