बसना अंचल में धूमधाम से निकली बहुड़ा रथ यात्रा, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ

बसना, बरबसपुर और गोरटेक में बहुड़ा रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर रथ खींचा तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

Jul 25, 2026 - 12:11
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बसना अंचल में धूमधाम से निकली बहुड़ा रथ यात्रा, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ

UNITED NEWS OF ASIA. बसना। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर आयोजित बहुड़ा रथ यात्रा बसना अंचल में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। सनातन परंपरा के इस पावन पर्व पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में प्रवास के बाद पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटे। इस अवसर पर बसना, बरबसपुर और गोरटेक सहित पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण रहा तथा हजारों श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल हुए।

बहुड़ा रथ यात्रा में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने तीनों स्थानों पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के श्रीविग्रहों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने भक्तिभाव के साथ भगवान के रथ की रस्सी खींचकर महाप्रभु की अगवानी की।

बसना नगर में आयोजित मुख्य रथ यात्रा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती संपन्न हुई। ढोल-नगाड़ों, संकीर्तन मंडलियों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच भगवान का रथ नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ। "जय जगन्नाथ" और "हरे कृष्ण" के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

इस अवसर पर डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि बहुड़ा रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में समरसता, भाईचारे और आस्था का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी भक्तों के आराध्य हैं और उनकी कृपा से समाज में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना भी की।

बसना के बाद विधायक बरबसपुर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। यहां भी उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं के साथ रथ की रस्सी खींची। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त होना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह परंपरा लोगों को सेवा, भक्ति और समानता का संदेश देती है।

इसके बाद गोरटेक में आयोजित बहुड़ा रथ यात्रा और धर्मसभा में भी उन्होंने भाग लिया। यहां दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान के श्रीविग्रहों के दर्शन किए और श्रद्धालुओं को बहुड़ा यात्रा की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ संपूर्ण मानवता के आराध्य हैं और उनकी रथ यात्रा यह संदेश देती है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं। समाज को प्रेम, करुणा, सद्भाव और सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

तीनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचकर आस्था प्रकट की तथा महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समितियों और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बहुड़ा रथ यात्रा के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।