पाली में पुल निर्माण की धीमी रफ्तार बनी परेशानी, खोदी गई सड़क से नागरिक और व्यापारी परेशान
कोरबा जिले के पाली नगर में पुल निर्माण कार्य की धीमी गति से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पत्ता गोदाम के पास खोदी गई सड़क और अधूरा निर्माण कार्य आवागमन में बाधा बन गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता कोरबा l कोरबा जिले के पाली नगर में चल रहा पुल निर्माण कार्य स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। नगर के प्रमुख संपर्क मार्ग पर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के चलते आम लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सड़क खोदने के कई दिन बाद भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार एनएच 130 से जुड़ने वाले बायपास मार्ग पर पत्ता गोदाम के पास बरसाती पानी निकासी के लिए पुल निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए 14 मई से सड़क पर खुदाई का काम शुरू किया गया था, लेकिन सात दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खुदाई और निर्माण कार्य का बीस प्रतिशत हिस्सा भी पूरा नहीं हो सका है। स्थानीय लोग इसे “नौ दिन चले अढ़ाई कोस” जैसी स्थिति बता रहे हैं।
यह मार्ग पाली मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और आम नागरिक आवाजाही करते हैं। सड़क खुदाई के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से लंबा चक्कर लगाकर गुजरना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य के चलते प्रशासन द्वारा अस्थायी मार्ग बनाया गया है, जो वन विभाग विश्राम गृह से होकर नेशनल हाईवे तक जाता है। हालांकि यह वैकल्पिक व्यवस्था भी लोगों की परेशानी कम नहीं कर पा रही है। वन परिक्षेत्र कार्यालय और आसपास रहने वाले नागरिकों को नगर के भीतर आने-जाने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई बार छोटे वाहन चालकों को जाम और संकरी सड़क की वजह से काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क बंद होने से उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। बाजार क्षेत्र तक लोगों की पहुंच प्रभावित हो रही है, जिससे ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के कारण काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य तेज गति से किया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।
जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत करीब 1 करोड़ 5 लाख 32 हजार रुपये की लागत से यह पुल और नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान बायपास मार्ग के किनारे स्थित घरों में होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान करना है। हालांकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों को आशंका है कि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन आम जनता को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाना चाहिए। फिलहाल निर्माण की सुस्त रफ्तार को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष का माहौल बना हुआ है।