बेमेतरा का SNCU बना नवजातों के लिए जीवनदायिनी, 1700 से अधिक बच्चों को मिला नया जीवन
जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित हो रही है। यहां अब तक 1700 से अधिक गंभीर नवजातों का सफल इलाज किया जा चुका है। हाल ही में 1300 ग्राम वजन वाले जुड़वां प्रीमैच्योर बच्चों का सफल उपचार कर उन्हें स्वस्थ अवस्था में घर भेजा गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के कारण यहां अब तक 1700 से अधिक गंभीर नवजात शिशुओं का सफल उपचार किया जा चुका है। विशेष रूप से कम वजन और प्रीमैच्योर बच्चों के इलाज में यह यूनिट लगातार बेहतर परिणाम दे रही है।
SNCU के नोडल अधिकारी और शिशु रोग विशेषज्ञ Deepak Kumar Nirala ने बताया कि यूनिट में ऐसे नवजातों का इलाज किया जाता है, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। इनमें जन्म के बाद रोने में देरी, सांस लेने में दिक्कत, पीलिया, मेकोनियम एस्पिरेशन, शॉक, हाइपोग्लाइसीमिया, मस्तिष्क संबंधी समस्याएं, जन्मजात विकृति, डायरिया, ब्लीडिंग और झटके आने जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि नवजातों के भर्ती होने का सबसे बड़ा कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी और जन्म के समय कम वजन होना है। ऐसे बच्चों को बचाना चुनौतीपूर्ण होता है और लंबे समय तक विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। पिछले पांच वर्षों में SNCU में लगभग 250 प्रीमैच्योर और कम वजन वाले बच्चों का सफल इलाज किया गया है। इस कार्य में Nitesh Kumar Chaubey और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
SNCU में केवल नवजातों का उपचार ही नहीं, बल्कि माताओं की काउंसिलिंग भी की जाती है। यहां मदर यूनिट की व्यवस्था की गई है, जहां माताओं को नवजात की सही देखभाल, स्तनपान की सही विधि, डकार दिलाने का महत्व और कंगारू मदर केयर (KMC) के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे बच्चों के तेजी से स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
हाल ही में SNCU में एक सफल उपचार का मामला सामने आया, जिसने इस यूनिट की क्षमता और विशेषज्ञता को साबित किया। ग्राम खाती निवासी पूर्णिमा मिर्झा ने 8 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय बेमेतरा में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। जन्म के समय दोनों बच्चों की स्थिति बेहद गंभीर थी। एक बच्चे का वजन 1500 ग्राम और दूसरे का मात्र 1300 ग्राम था।
दोनों नवजातों को तुरंत SNCU में भर्ती किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ ने लगातार 16 दिनों तक उनका उपचार किया। विशेष देखभाल और निगरानी के बाद पहले बच्चे का वजन बढ़कर 2000 ग्राम और दूसरे बच्चे का वजन 1800 ग्राम हो गया। पूरी तरह स्वस्थ होने पर दोनों बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया। फॉलोअप जांच में भी दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य और स्वस्थ पाई गई।
SNCU वार्ड में कार्यरत डॉक्टरों और स्टाफ की टीम 24 घंटे सेवाएं दे रही है। यहां प्रशिक्षित स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, आया और अन्य कर्मचारी शिफ्ट के अनुसार नवजातों की निगरानी करते हैं। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन Lokesh Sahu ने SNCU टीम की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल नवजात मृत्यु दर कम करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
बेमेतरा का यह SNCU केंद्र अब जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए भी उम्मीद की किरण बन चुका है, जहां गंभीर स्थिति वाले नवजातों को समय पर बेहतर उपचार और नया जीवन मिल रहा है।