रबी धान कटाई के लिए किसानों को मिलेगा रिजर्व डीजल, कलेक्टर का आदेश 10 जून तक लागू

बालोद जिले में रबी धान कटाई के दौरान किसानों को डीजल की कमी से राहत देने के लिए प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को रिजर्व डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सत्यापन के बाद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर डीजल दिया जाएगा। यह आदेश 10 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

May 23, 2026 - 12:59
 0  6
रबी धान कटाई के लिए किसानों को मिलेगा रिजर्व डीजल, कलेक्टर का आदेश 10 जून तक लागू

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद lबालोद जिले में रबी सीजन की धान कटाई शुरू होने से पहले किसानों को बड़ी राहत मिली है। हार्वेस्टर संचालन के दौरान डीजल की कमी की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने किसानों के लिए रिजर्व डीजल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक मात्रा में डीजल सुरक्षित रखने और किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 10 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसका असर रबी धान कटाई कार्य पर पड़ने लगा था। हार्वेस्टर मशीनों के संचालन में बाधा आने से किसानों को फसल कटाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया और पहले से जारी रिजर्व ईंधन व्यवस्था को किसानों के हित में लागू करने का फैसला किया।

प्रशासन ने पहले ही सभी पेट्रोल पंपों में 4000 लीटर डीजल और 2000 लीटर पेट्रोल आवश्यक सेवाओं के लिए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। अब इसी रिजर्व डीजल में से किसानों को हार्वेस्टर संचालन के लिए डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सत्यापन के बाद ही किसानों को डीजल प्रदान किया जाएगा, ताकि वास्तविक जरूरतमंद किसानों को इसका लाभ मिल सके।

जिले में इस समय बड़ी संख्या में हार्वेस्टर मशीनें धान कटाई कार्य में लगी हुई हैं। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बालोद विकासखंड में 91, गुरूर में 119, गुंडरदेही में 214, डौण्डीलोहारा में 199 और डौण्डी में 33 हार्वेस्टर संचालित हो रहे हैं। जिले में कुल 656 हार्वेस्टर मशीनें कार्यरत हैं। इनमें सबसे अधिक हार्वेस्टर गुंडरदेही विकासखंड में होने के कारण वहां डीजल की मांग भी सबसे ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है।

कृषि कार्य में उपयोग होने वाले हार्वेस्टर की डीजल खपत भी काफी अधिक होती है। चेन हार्वेस्टर एक एकड़ फसल कटाई में लगभग 10 से 12 लीटर डीजल की खपत करता है, जबकि बड़े हार्वेस्टर में प्रति एकड़ 6 से 8 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में कटाई के पीक समय में डीजल की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

किसानों ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समय पर डीजल मिलने से कटाई कार्य प्रभावित नहीं होगा और फसल को सुरक्षित तरीके से समय पर घर लाया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में धान कटाई का कार्य तेजी से शुरू होने वाला है, इसलिए प्रशासन की यह पहल किसानों के लिए राहत भरी साबित होगी।

जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को डीजल वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही अधिकारियों को भी निगरानी रखने कहा गया है ताकि किसानों को समय पर आवश्यक ईंधन उपलब्ध हो सके और कटाई कार्य सुचारू रूप से जारी रहे।