कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं तैयार करती है और विकास कार्यों की दिशा तय की जाती है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रगणकों ने समय से पहले और शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ मकान सूचीकरण कार्य पूरा कर यह साबित किया है कि जिम्मेदारी और समर्पण के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना कार्य बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है, जिसमें प्रत्येक जानकारी की सटीकता आवश्यक होती है। ऐसे में प्रगणकों द्वारा पूरी ईमानदारी और मेहनत से कार्य करना सराहनीय है। उन्होंने सभी सम्मानित प्रगणकों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी अजय किशोर लकरा ने भी प्रगणकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए गए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कार्यक्रम में सहायक जिला जनगणना अधिकारी प्राची ठाकुर एवं राज्य जनगणना नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिन्हा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रगणकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से जिले में जनगणना कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सका।
सम्मानित प्रगणकों में डौण्डी, दल्लीराजहरा, चिखलकसा, डौण्डीलोहारा, अर्जुन्दा, बालोद, गुण्डरदेही और गुरूर तहसील के प्रगणक शामिल रहे। सभी सम्मानित प्रगणकों ने इस उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन के मार्गदर्शन, सहयोग और समय-समय पर मिले प्रशिक्षण को दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से कार्य करना आसान हुआ और सभी ने टीम भावना के साथ मिलकर लक्ष्य को समय पूर्व पूरा किया।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी प्रगणकों को आगामी जनगणना कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए इसी प्रकार समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते रहने का संदेश दिया।