कबीरधाम को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई गति

कबीरधाम जिले में आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत की गई। इस हाईटेक वैन से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संग्रहण और प्राथमिक जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे अपराध अनुसंधान और अधिक तेज व प्रभावी होगा।

May 23, 2026 - 13:37
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कबीरधाम को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई गति

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले को अत्याधुनिक “सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट” के अंतर्गत मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है। इस हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला परिसर, जनपद कॉम्पलेक्स कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस पहल को प्रदेश में अपराध जांच प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी तथा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने इसे कबीरधाम जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध अनुसंधान प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से जिले को यह सुविधा मिली है, जिससे कानून व्यवस्था और जांच प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इस मोबाइल यूनिट के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच, भौतिक साक्ष्य संग्रहण और प्राथमिक परीक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे अपराधों की जांच अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बन सकेगी। पहले कई मामलों में जांच के लिए साक्ष्यों को प्रयोगशाला तक पहुंचाने में समय लगता था, लेकिन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच संभव हो सकेगी।

पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से फिंगरप्रिंट, डिजिटल और अन्य भौतिक साक्ष्यों का तत्काल परीक्षण और संग्रहण किया जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और अपराधों के जल्द खुलासे में सहायता मिलेगी।

संयुक्त संचालक आरडी अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मोबाइल यूनिट आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक संसाधनों से सुसज्जित है। इससे गंभीर और जटिल मामलों की जांच में पुलिस टीम को तकनीकी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले की पुलिसिंग व्यवस्था के लिए यह वैन एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी और अपराध अनुसंधान में तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद करेगी।

कार्यक्रम में सतविंदर पाहुजा, उमंग पांडेय, पार्षद अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, शानू साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अमित पटेल, डीएसपी संजय धूरू, अंजू कुमारी, कृष्णा चंद्राकर, आशीष शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल से जिले में वैज्ञानिक जांच प्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।