पायरेटेड कंटेंट पर केंद्र सख्त, Telegram को 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के पायरेटेड कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने Telegram को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले चैनलों और समूहों पर कार्रवाई करने तथा 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य डिजिटल पायरेसी पर रोक लगाकर कंटेंट निर्माताओं और मनोरंजन उद्योग के हितों की रक्षा करना है।

Jul 4, 2026 - 15:22
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पायरेटेड कंटेंट पर केंद्र सख्त, Telegram को 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. देश में फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के पायरेटेड कंटेंट के बढ़ते प्रसार को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Telegram को नोटिस जारी कर ऐसे चैनलों और समूहों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जहां बिना अनुमति कॉपीराइट संरक्षित फिल्में, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल सामग्री साझा या प्रसारित की जा रही है।

मंत्रालय ने Telegram से कहा है कि वह कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले सभी चैनलों और समूहों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। साथ ही प्लेटफॉर्म को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट में यह जानकारी देनी होगी कि कॉपीराइट उल्लंघन रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं और कितने चैनलों या समूहों पर कार्रवाई की गई है।

सरकार का मानना है कि ऑनलाइन पायरेसी से फिल्म उद्योग, ओटीटी प्लेटफॉर्म, टीवी प्रसारकों, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान होता है। नई रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध कॉपी इंटरनेट पर तेजी से फैलने के कारण बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और डिजिटल स्ट्रीमिंग से होने वाली आय प्रभावित होती है। इससे मनोरंजन उद्योग के साथ-साथ कंटेंट निर्माण में निवेश करने वाले संस्थानों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार डिजिटल पायरेसी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर क्रिएटर इकोनॉमी को सुरक्षित बनाना चाहती है। सरकार का मानना है कि यदि कॉपीराइट कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए तो फिल्म निर्माताओं, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इससे मौलिक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा मनोरंजन उद्योग में निवेश का वातावरण भी मजबूत होगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है तो आगे और कड़े कदमों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक मंत्रालय और Telegram की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट उल्लंघन को रोकना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन पायरेसी पर प्रभावी नियंत्रण से मनोरंजन उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, कंटेंट निर्माताओं के अधिकार सुरक्षित रहेंगे और दर्शकों को भी वैध माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण सामग्री देखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले दिनों में Telegram की ओर से उठाए गए कदम और सरकार को सौंपी जाने वाली कार्रवाई रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी।