विधायक ललित चंद्राकर के हाथों दुर्ग ग्रामीण के 8 दिव्यांगजनों को मिला ट्राइसिकल एवं श्रवण यंत्र
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के निवास कार्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 8 पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राइसिकल, सामान्य ट्राइसिकल और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। विधायक ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर के निवास कार्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राइसिकल, सामान्य ट्राइसिकल एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। विधायक ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इन उपकरणों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में ग्राम डुडेरा के गोकुल कोसरे, ग्राम जंजगिरी के राजूलाल देशमुख, ग्राम खम्हरिया के हरिश कुमार साहू, ग्राम खोपली के पंकज कुमार कोसरे, ग्राम विनायकपुर के रामस्वरूप देशमुख, ग्राम करगाडीह के लुमेश कुमार साहू, ग्राम रुआबांधा रिसली गांधी चौक के सैमुएल छुरा और ग्राम झोला के रोहित निषाद को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार बैटरी चलित ट्राइसिकल, सामान्य ट्राइसिकल एवं श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए।
इस अवसर पर ललित चंद्राकर ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा, क्षमता तथा आत्मविश्वास को सही अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना योगदान दे सकें।
विधायक ने लाभार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक दिव्यांगजन आत्मनिर्भर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि ट्राइसिकल और श्रवण यंत्र केवल सहायक उपकरण नहीं हैं, बल्कि ये दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने लाभार्थियों से आगे बढ़कर समाज की मुख्यधारा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
ललित चंद्राकर ने कहा कि राज्य की विष्णुदेव साय सरकार और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पात्र दिव्यांगजन शासन की योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहें। उन्होंने लाभार्थियों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सर्वांगीण कल्याण के लिए सहायक उपकरण वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास, पुनर्वास और अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर जीवन के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में जिला मंत्री नवीन पवार, उतई मंडल अध्यक्ष शीतला ठाकुर, रिसाली मंडल अध्यक्ष एकनाथ अनुपम साहू, मरोदा-पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू राकेश जंघेल, अंडा-निकुम मंडल अध्यक्ष लिकेश्वर देशमुख, महामंत्री चंदू देवांगन, प्रवीण यदु, गुड्डू झा, पुनाराम कलिहारी, योगेश कुमार सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लाभार्थियों और उनके परिजनों ने सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विधायक ललित चंद्राकर एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।