भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 1 वर्ष में कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों को एक वर्ष में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज , रायपुर | छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल भोरमदेव मंदिर परिसर के विकास को लेकर राज्य सरकार ने कार्यों में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश जारी किए।
भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित इस समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने ठेकेदारों को एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया और 15-15 दिन की कार्ययोजना (टाइमलाइन) प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने बताया कि कार्यों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो हर सोमवार को स्थल का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट तैयार करेगी। साथ ही, प्रोजेक्ट से जुड़े सभी इंजीनियरों और अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के आसपास श्रद्धालुओं के बैठने के लिए चबूतरे बनाए जाएं और सभी प्रवेश द्वारों में ‘फनी नागवंशी’ स्थापत्य शैली की झलक दिखाई दे। लकड़ी के दरवाजों और खंभों पर पारंपरिक नक्काशी करने के भी निर्देश दिए गए।
सरोवर के विकास कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने सरोवर की पिचिंग और लाइनिंग को तकनीकी दृष्टि से मजबूत बनाने, सीढ़ियों और शेड का निर्माण व्यवस्थित करने तथा आकर्षक स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए, ताकि स्थल की सुंदरता और उपयोगिता दोनों बढ़ सके।
इसके अलावा, मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। पार्किंग क्षेत्र में पर्याप्त स्थान और मजबूत फ्लोरिंग सुनिश्चित करने के साथ दुकानों की संरचना इस तरह करने को कहा गया, जिससे यातायात सुचारु बना रहे।
मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा और सरोदा डैम में चल रहे निर्माण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, व्यू प्वाइंट और सीढ़ियों के निर्माण को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, एमडी पर्यटन विवेक आचार्य, कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।