भोरमदेव अभयारण्य में पंख 2026 बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का पहला चरण संपन्न

भोरमदेव अभयारण्य में आयोजित पंख 2026 बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के 20 प्रतिभागियों ने तितलियों, जैवविविधता और प्रकृति का अध्ययन किया। कार्यक्रम में बटरफ्लाई ट्रेल, मॉथ स्टडी, बैगा नृत्य, लाइव स्टोन पेंटिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।

Oct 4, 2026 - 20:24
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भोरमदेव अभयारण्य में पंख 2026 बटरफ्लाई मीट सीजन-3 का पहला चरण संपन्न

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l भोरमदेव अभयारण्य में आयोजित पंख 2026 बटरफ्लाई मीट सीजन-3 के प्रथम चरण का दो दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें छत्तीसगढ़ से 17, महाराष्ट्र से 1, बिहार से 1 और ओडिशा से 1 प्रतिभागी शामिल रहे। आयोजन का उद्देश्य तितलियों और क्षेत्र की समृद्ध जैवविविधता के प्रति लोगों में वैज्ञानिक समझ विकसित करना तथा संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम का आयोजन कवर्धा वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक अनिता साहू के संचालन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में रेंजर किशोर साहू और अभयारण्य की स्टाफ टीम ने सक्रिय सहयोग दिया। दो दिवसीय आयोजन का नेतृत्व ग्रुप लीडर एवं गाइड स्वाभा सोनी ने किया।
इस वर्ष प्रतिभागियों के लिए करियामा गेट पर कैंपिंग टेंट स्टे की विशेष व्यवस्था की गई थी। इससे प्रतिभागियों को वन क्षेत्र के बीच रात्रि प्रवास करने और प्रकृति को करीब से अनुभव करने का अवसर मिला। कैंपिंग के दौरान प्रतिभागियों ने जंगल के प्राकृतिक वातावरण और जैवविविधता को नजदीक से महसूस किया।

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीयन और परिचय सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से तितलियों की विभिन्न प्रजातियों और उनके अध्ययन से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी। दोपहर में प्रतिभागियों ने बटरफ्लाई ट्रेल में हिस्सा लिया और अभयारण्य क्षेत्र में मौजूद विभिन्न तितली प्रजातियों का अवलोकन एवं अध्ययन किया।

शाम के समय हाई-टी के बाद स्थानीय पारंपरिक बैगा नृत्य की प्रस्तुति हुई। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में स्थानीय परंपराओं और संस्कृति का रंग भर दिया। इसके बाद चितेर फाउंडेशन के संस्थापक बलबीर विश्वकर्मा द्वारा लाइव स्टोन पेंटिंग सेशन आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने प्रकृति और वन्यजीवों से प्रेरित कला को करीब से देखा और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनुभव किया।

पहले दिन रात्रि भोजन के बाद मॉथ स्टडी का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने तितलियों के साथ-साथ रात्रिचर कीटों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और वन क्षेत्र की जैवविविधता को समझने का प्रयास किया।
दूसरे दिन की शुरुआत सुबह नाश्ते के बाद बटरफ्लाई ट्रेल से हुई। प्रतिभागियों ने अभयारण्य के विभिन्न क्षेत्रों में तितलियों और अन्य जैवविविधताओं का अवलोकन किया। इसके बाद फॉर्म एवं अवलोकन विवरण एकत्र किए गए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

पंख 2026 बटरफ्लाई मीट का मुख्य उद्देश्य प्रकृति प्रेमियों, युवाओं और आमजन के बीच तितलियों एवं अन्य जैवविविधता को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। इसके साथ ही वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार, भोरमदेव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैवविविधता के कारण प्रकृति अध्ययन और संरक्षण गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। पंख 2026 के आगामी चरण अभयारण्य के अलग-अलग जैवविविधता से समृद्ध क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रतिभागियों को क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को और करीब से समझने का अवसर मिलेगा।