अमेरिका में भी SIR की तर्ज पर वोटर लिस्ट की जांच, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनावी प्रक्रिया की तारीफ की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मतदाता सूची में गैर-नागरिकों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच को लेकर अभियान शुरू करने की बात कही है। ट्रंप के अनुसार 2020 के मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड के मिलान के शुरुआती विश्लेषण में 24 हजार से अधिक गैर-नागरिक मतदाताओं की पहचान हुई है। उन्होंने शेष रिकॉर्ड की भी जांच करने और ‘SAVE America Act’ पारित करने की मांग दोहराई है। इससे पहले ट्रंप भारत की मतदाता पहचान व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की तारीफ कर चुके हैं।

Aug 19, 2026 - 13:11
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अमेरिका में भी SIR की तर्ज पर वोटर लिस्ट की जांच, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनावी प्रक्रिया की तारीफ की

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका में मतदाता सूची की जांच को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अभियान शुरू करने की बात कही है, जिसे भारत में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका में 2020 के मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। शुरुआती विश्लेषण में 12.8 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच के दौरान 24 हजार से अधिक ऐसे लोगों की पहचान होने का दावा किया गया है, जिन्हें गैर-नागरिक बताया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर पोस्ट कर कहा कि अब शेष 3.2 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया जाएगा और इसके बाद यह संख्या बढ़ सकती है। ट्रंप ने इस प्रक्रिया को चुनावी पारदर्शिता से जोड़ते हुए दावा किया कि मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड की जांच से 2020 के चुनाव को लेकर उनकी पुरानी आपत्तियों को बल मिलता है। हालांकि, उनके इन दावों पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं और मतदाता रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति के गैर-नागरिक होने की पहचान तथा उसके वास्तव में मतदान करने के बीच अंतर को लेकर बहस जारी है।

व्हाइट हाउस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिन कथित गैर-नागरिक मतदाताओं के रिकॉर्ड सामने आने का दावा किया गया है, उनमें मेक्सिको में जन्मे लोगों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है। इसके बाद कनाडा, फिलीपींस, जमैका, जर्मनी, ब्रिटेन, क्यूबा, वियतनाम, हैती और दक्षिण कोरिया में जन्मे लोगों का उल्लेख किया गया है। ट्रंप का कहना है कि बाकी बचे रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद आंकड़ा और बढ़ सकता है।

इस मुद्दे के बीच ट्रंप ने ‘SAVE America Act’ पारित करने की मांग भी दोहराई है। प्रस्तावित कानून के तहत संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता का प्रमाण और फोटो पहचान पत्र अनिवार्य करने का प्रावधान है। इसके अलावा राज्यों को मतदाता सूची से गैर-नागरिकों के नाम हटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे। इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस भी तेज है।

ट्रंप इससे पहले भारत की चुनावी प्रक्रिया और मतदाता पहचान व्यवस्था की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने भारत में मतदान के दौरान फोटो पहचान पत्र के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए इसे अमेरिकी चुनाव व्यवस्था के लिए उदाहरण के तौर पर पेश किया था। ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया और भारत में बड़ी संख्या में मतदाताओं के मतदान करने तथा मतदाता पहचान व्यवस्था को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी।

भारत में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर SIR की प्रक्रिया और अमेरिका में मतदाता रिकॉर्ड की जांच अलग-अलग कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के तहत होती है। हालांकि, दोनों मामलों में मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने, पात्र मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर चर्चा हो रही है। अमेरिका में ट्रंप की पहल और भारत की चुनावी व्यवस्था को लेकर उनकी टिप्पणियों ने दोनों देशों की चुनाव प्रणालियों की तुलना को भी चर्चा में ला दिया है।